डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से की शिष्टाचार भेंट, साझा किए विचार

हरिद्वार देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने अपने नई दिल्ली के प्रवास के दौरान माननीय उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राष्ट्रनिर्माण में युवाशक्ति की भूमिका, मूल्य आधारित शिक्षा, सांस्कृतिक पुनर्जागरण तथा वैश्विक समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सारगर्भित चर्चा हुई। साथ ही युवाओं को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोडऩे के विभिन्न आयामों पर भी विचार-विमर्श किया गया। आगामी अप्रैल माह में होने वाले अंतरराष्ट्रीय युवा महोत्सव 2026 के उद्घाटन समारोह हेतु उपराष्ट्रपति महोदय को मुख्य अतिथि के रूप…

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डॉ. चिन्मय पंड्या बोले: बाल्टिक देशों में भी सनातन संस्कृति का प्रभाव मजबूत

हरिद्वार अपने विदेश प्रवास के दौरान अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि डॉ. चिन्मय पंड्या लिथुआनिया की राजधानी विलनियस पहुँचे। इस अवसर पर उन्होंने राजधानी स्थित प्रसिद्ध बैलेंस सेंटर में वैदिक विधि-विधान के साथ गायत्री यज्ञ सम्पन्न कराया। यज्ञ में स्थानीय लिथुआनियाई नागरिकों, भारतीय समुदाय तथा गायत्री परिवार से जुड़े अनेक लोगों की भावपूर्ण सहभागिता रही, जिससे वातावरण शांति, सकारात्मक ऊर्जा और पवित्र चेतना से ओतप्रोत हो गया। गायत्री यज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रों के उच्चारण एवं पवित्र अग्नि में आहुतियों के माध्यम से सर्वे भवन्तु सुखिन: तथा प्रकृति…

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शिक्षा का उद्देश्य: बाहर की आग बुझाना और भीतर की चेतना जगाना – डॉ. चिन्मय पण्ड्या

हरिद्वार हरिद्वार स्थित जीवन विद्या आलोक केन्द्र देवसंस्कृति विश्वविद्यालय का सातवां समावर्तन समारोह गंगा तट पर आध्यात्मिक संतों, देसंविवि के प्रतिकुलपति व विदेशी विशिष्ट मेहमानों के सानिध्य में सम्पन्न हुआ। समारोह का शुभारंभ राष्ट्रगान व देसंविवि के कुलगीत के साथ हुआ। समावर्तन समारोह के मुख्य अतिथि जूना अखाड़ा के पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी ने कहा कि गायत्री परिवार ने बीते दशकों में युग चेतना को जगाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग के…

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