ग्रीन पटाखे vs नॉर्मल पटाखे: जानिए क्या सच में नहीं निकलता इनमें से धुआं?

नई दिल्ली  दिवाली रोशनी का त्योहार है. इस दिन सभी लोग अपने घरों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाते हैं, मिठाई बांटते हैं और साथ ही पटाखे भी फोड़ते हैं. लेकिन वायु गुणवत्ता और स्वास्थ्य संबंधी चिताओं की वजह से अब लोग हरित पटाखे चुनने लगे हैं. लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या ग्रीन पटाखे फोड़ने पर सचमुच धुआं नहीं होता? आइए जानते हैं. नॉर्मल पटाखों में अक्सर भारी धातु और ऑक्सिडाइजर जैसे बेरियम नाइट्रेट, लीड कंपाउंड्स, लिथियम साल्ट्स और बाकी पदार्थ होते हैं जो चटकीले रंग और तीव्र प्रभाव…

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राजस्थान-जयपुर के साइलेंस जोन में केवल दो घंटे ही चला सकेंगे ग्रीन पटाखे, सरकार ने जारी किए निर्देश

जयपुर. राजस्थान की भजनलाल सरकार ने आदेश जारी किए हैं कि इस दिवाली एनसीआर क्षेत्र में सिर्फ दो घंटे ही पटाखे चलाए जा सकेंगे। रात 8 बजे से 10 बजे ग्रीन श्रेणी के पटाखों से ही आतिशबाजी करने की अनुमति दी गई है। पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग ने इसके लिए आदेश जारी किए हैं। आदेशानुसार साइलेंस जोन जैसे अस्पताल, नर्सिंग होम, सरकारी गैर सरकारी चिकित्सा केन्द्र, स्कूल, कॉलेज, कोर्ट और धार्मिक स्थानों से 100 मीटर की दूरी पर पटाखे चलाए जाएंगे। वहीं, क्रिसमस और नए साल के अवसर पर…

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