ISRO का ड्रीम प्रोजेक्ट शुरू! स्पेस में बनेगा भारत का अपना ठिकाना, 140 करोड़ को गर्व

बेंगलुरु  भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए अपने स्‍वदेशी स्थायी स्पेस स्टेशन के निर्माण की दिशा में काम शुरू कर दिया है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो-ISRO) ने भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (Bharatiya Antariksh Station – BAS) की आधारशिला रखने की प्रक्रिया तेज कर दी है. योजना के अनुसार, इसका पहला मॉड्यूल वर्ष 2028 तक अंतरिक्ष में भेजा जाएगा, जबकि 2035 तक इसे पूरी तरह से वर्किंग स्‍पेस स्‍टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा. इसरो के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) ने हाल ही में…

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इसरो मिशन को बड़ा झटका, ऑर्बिट में तैनात नहीं हो पाया ‘अन्वेषा’, दिशा से भटका रॉकेट

बेंगलुरु  इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO), 2026 के पहले ऑर्बिटल मिशन की लॉन्चिंग सफलतापूर्वक हो गई लेकिन सैटेलाइट तैनात नहीं हो सका. PSLV-C62 रॉकेट श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया था. यह मिशन सतीश धवन स्पेस सेंटर के फर्स्ट लॉन्च पैड से उड़ान भरा था. इस मिशन का मुख्य हिस्सा EOS-N1 अन्वेषा था, जो डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन द्वारा विकसित एक हाइपरस्पेक्ट्रल सैटेलाइट है. अन्वेषा सैटेलाइट एडवांस्ड अर्थ ऑब्जर्वेशन एप्लीकेशन के लिए डिज़ाइन किया गया था.  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के PSLV-C62 मिशन को झटका लगा है। रॉकेट पीएसएलवी-सी62…

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ISRO का वर्कहॉर्स PSLV: 63 में से 60 सफल उड़ानें, अब 12वीं उड़ान के लिए तैयार

 नई दिल्ली PSLV (Polar Satellite Launch Vehicle) को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का वर्कहॉर्स (मुख्य काम करने वाला रॉकेट) इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह बहुत विश्वसनीय और बार-बार इस्तेमाल होने वाला रॉकेट है. यह 1993 से लगातार काम कर रहा है. विभिन्न प्रकार के सैटेलाइट्स (छोटे से बड़े, भारतीय और विदेशी) को सटीक ऑर्बिट में पहुंचाने में माहिर है. अगली लॉन्चिंग कौन सी और कब? अगली PSLV लॉन्च PSLV-C62 है, जो 12 जनवरी 2026 को सुबह 10:17 बजे IST श्रीहरिकोटा के फर्स्ट लॉन्च पैड से होगी. यह इसरो…

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भारत की 2040 तक चांद पर अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने की योजना, ISRO के पूर्व प्रमुख का बड़ा ऐलान

अहमदाबाद भारत 2040 तक चंद्रमा पर अपने अंतरिक्ष यात्री भेजने की योजना बना रहा है, यह जानकारी पूर्व भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) प्रमुख ए. एस. किरण कुमार ने बुधवार को दी।कुमार, जो वर्तमान में भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (PRL) के प्रबंधन परिषद के अध्यक्ष हैं, यह बयान 5वें भारतीय खगोलशास्त्र समाज (ASI) सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान दे रहे थे। कुमार ने कहा, "अब से 2040 तक कई अंतरिक्ष मिशन होंगे। 2040 तक हमारा लक्ष्य भारतीयों को चंद्रमा पर भेजना और सुरक्षित रूप से वापस लाना है। इसके अलावा, भारत…

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2026 में भारत का गगनयान मिशन अंतरिक्ष में बनाएगा नया मील का पत्थर, ISRO की ऐतिहासिक सफलता

नई दिल्ली यह नया साल 2026 अंतरिक्ष में मानव की उड़ान के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ साबित होने जा रहा है. इस वर्ष भारत और अमेरिका दो अलग-अलग लेकिन समान रूप से ऐतिहासिक कदम उठाने की तैयारी में हैं. भारत का गगनयान कार्यक्रम जहां देश को स्वतंत्र मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता की श्रेणी में ले जाएगा, वहीं अमेरिका का आर्टेमिस-II मिशन मानव जाति को पांच दशक बाद एक बार फिर गहरे अंतरिक्ष यानी चंद्रमा से आगे की यात्रा पर ले जाने वाला है. इन दोनों मिशनों का संयुक्त प्रभाव…

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ISRO श्रीहरिकोटा में बनाएगा तीसरा लॉन्च पैड, भारी सैटेलाइट्स के लिए चार साल में तैयार

विशाखापट्टनम भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO) ने भविष्य के भारी सैटेलाइट्स को सपोर्ट करने के लिए अपने श्रीहरिकोटा स्पेसपोर्ट पर एक नए लॉन्च पैड पर काम शुरू कर दिया है. भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी (ISRO) इस लॉन्च पैड के साथ अंतरिक्ष में अपने मानव मिशन के साथ एक कदम और आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है. इस नई फेसेलिटी को बनाने, इंस्टॉल करने और शुरू करने में चार साल लगने की उम्मीद है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह विस्तार बहुत ज़रूरी है, क्योंकि ISRO अगली जनरेशन के रॉकेट…

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ISRO का ‘बाहुबली’ LVM3 रॉकेट, ब्लूबर्ड ब्लॉक-3 सैटेलाइट का सफल लॉन्च

श्रीहरिकोटा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) बुधवार सुबह 8.55 बजे अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट LVM3 से अमेरिकी कंपनी AST स्पेसमोबाइल की ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 संचार सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया. यह इस रॉकेट की छठी ऑपरेशनल उड़ान (LVM3-M6) है. ये मिशन है न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) और AST स्पेसमोबाइल के बीच हुए समझौते के तहत किया जा रहा है. इस मिशन से लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में दुनिया का सबसे बड़ा कॉमर्शियल संचार सैटेलाइट तैनात होगा, जो सामान्य स्मार्टफोन को सीधे स्पेस से हाई-स्पीड इंटरनेट प्रदान करेगा. ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट…

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इसरो स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के डायरेक्टर डा. निलेश एम.देसाई पहुंचे मऊ

इसरो स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के डायरेक्टर डा. निलेश एम.देसाई पहुंचे मऊ परिषदीय विद्यालयों की 1500 छात्र-छात्राओं से किया सीधा संवाद     बच्चों में विज्ञान एवं अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा और अभिरुचि उत्पन्न लखनऊ स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (इसरो) के डायरेक्टर डाक्टर निलेश एम. देसाई शुक्रवार को जनपद मऊ पहुंचे। यहां पर इन्होंने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में परिषदीय विद्यालयों की लगभग 1500 छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया। बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए इसरो डायरेक्टर डाक्टर निलेश एम. देसाई ने कहा कि आज भारत को विश्व में सर्वश्रेष्ठ स्थान हासिल…

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चंद्रयान-2 की नई उपलब्धि: इसरो को मिला एडवांस डेटा, चांद की खोज में बड़ा कदम

नई दिल्ली  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शनिवार को चंद्रयान-2 ऑर्बिटर से एडवांस डेटा प्रोडक्ट्स प्राप्त करने की जानकारी दी। इसमें चंद्रमा के पोलर रीजन के फिजिकल और डाइइलेक्ट्रिक प्रॉपर्टीज पर नए पैरामीटर्स भी शामिल हैं। इसरो का कहना है कि यह भविष्य में ग्लोबल एक्सप्लोरेशन की दिशा में एक बड़ा डेवलपमेंट है। संगठन ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "इसरो को चंद्रयान-2 ऑर्बिटर से एडवांस डेटा प्रोडक्ट्स प्राप्त हुए हैं, जो कि लूनर पोलर रीजन को लेकर गहरी समझ के लिए बेहद महत्वपूर्ण…

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ISRO चाहता है PSLV विकास का 50% हिस्सा उद्योग संघ को हस्तांतरित, वी. नारायणन का बयान

बेंगलुरु: ISRO के अध्यक्ष वी. नारायणन ने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV) के विकास का 50 प्रतिशत हिस्सा उद्योग संघ को सौंपना चाहती है. घरेलू एयरोस्पेस, रक्षा और इंजीनियरिंग क्षेत्र की क्षमता की सराहना करते हुए, नारायणन ने कहा कि वे पहले से ही इसरो के मिशनों के लिए लगभग 80 से 85 प्रतिशत प्रणालियों का योगदान दे रहे हैं. ISRO प्रमुख ने इंडिया मैन्युफैक्चरिंग शो के दौरान कहा कि, "आज, जब आप भारत के सबसे शक्तिशाली रॉकेट PSLV को देखते हैं, तो उन्होंने (HAL और…

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‘बाहुबली’ सैटेलाइट से ISRO की नई छलांग! जानिए इसकी अद्भुत ताकतें और मिशन के राज़

बेंगलुरु  इसरो कुछ ही देर में अपना सबसे भारी सैटेलाइट, सीएमएस-03 लांच करने वाला है। इसरो ने इस उपग्रह का नाम रखा है ‘बाहुबली’। इसके पीछे वजह भी बेहद दिलचस्प है। इसरो के मुताबिक यह अब तक का सबसे अधिक वजन वाला सैटेलाइट है। इसलिए ही इसे यह नाम दिया गया है। इसकी लांचिंग का वक्त करीब आता जा रहा है और उलटी गिनती चालू है। सबसे भारी उपग्रह अंतरिक्ष एजेंसी ने बताया कि सीएमएस-03 का वजन 4,410 किलोग्राम है। वजन वाला यह उपग्रह भारत की धरती से भू-समकालिक स्थानांतरण…

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ISRO 2 नवंबर को लॉन्च करेगा भारतीय नौसेना के लिए अब तक का सबसे भारी सैटेलाइट, चंद्रयान-3 वाले रॉकेट से होगी उड़ान

बेंगलुरु  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) 2 नवंबर 2025 को अपनी शक्तिशाली LVM3 रॉकेट से CMS-03 कम्यूनिकेशन सैटेलाइट को लॉन्च करेगा. यह LVM3 का 5वीं ऑपरेशनल फ्लाइट (LVM3-M5) होगी. CMS-03 भारत का अब तक का सबसे भारी संचार उपग्रह होगा, जिसका वजन लगभग 4,400 किलोग्राम है.  यह उपग्रह समुद्री इलाकों और भारतीय भूमि पर संचार सेवाएं देगा. पिछला LVM3 मिशन ने चंद्रयान-3 को चांद पर भेजा था, जहां भारत ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सफल लैंडिंग की थी. LVM3 रॉकेट: भारत की 'बाहुबली' लॉन्च व्हीकल LVM3 (लॉन्च व्हीकल…

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इसरो की उपलब्धियाँ प्रत्येक भारतवासी के लिए गर्व का विषय : मुख्यमंत्री साय

इसरो की यात्रा में छत्तीसगढ़ की भागीदारी, युवाओं के लिए नए अवसर और शासन की कार्यकुशलता बढ़ाने में इसरो की तकनीक के उपयोग पर हुई विस्तृत चर्चा रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इसरो अहमदाबाद केंद्र के निदेशक डॉ. एन. एम. देसाई के नेतृत्व में अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय और वैज्ञानिकों के बीच इसरो की यात्रा में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को बढ़ाने, राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने, शासन के…

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ISRO डायरेक्टर वी. नारायणन भोपाल में, विज्ञान मेले में युवा वैज्ञानिकों से करेंगे संवाद

भोपाल राजधानी भोपाल में 12 वें विज्ञान मेले का आयोजन किया जा रहा है. इसमें पहली बार राजधानी के बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय को भी आयोजन में पार्टनर बनाया गया है. अब तक इसका आयोजन विज्ञान भारती और मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के तत्वावधान में किया जाता था. लेकिन इस बार बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय को भी शामिल किया गया है. इसरो निदेशक से संवाद करेंगे युवा वैज्ञानिक मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक अनिल कोठारी ने बताया कि, ''इस बार विज्ञान मेला में जो भी बच्चे सम्मिलित होंगे, उनको…

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ISRO का मेगा लॉन्चपैड: 2300 एकड़ में बनेगा स्पेस हब, दिसंबर 2026 से उड़ान भरेंगे रॉकेट

कुलसेकरपट्टिनम  भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम अब नई ऊंचाई की ओर बढ़ रहा है. आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के बाद तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले के कुलसेकरपट्टिनम में देश का दूसरा बड़ा लॉन्च कॉम्प्लेक्स तैयार किया जा रहा है. ISRO प्रमुख वी. नारायणन ने बुधवार को भूमि पूजन के बाद घोषणा की कि दिसंबर 2026 तक यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा. इस विशाल कॉम्प्लेक्स को 2,300 एकड़ जमीन पर विकसित किया जा रहा है. यहां से हर साल करीब 20 से 25 रॉकेट लॉन्च होंगे. खास बात यह है कि यहां से…

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