नई दिल्ली भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) एक बार फिर अपने दमखम से दुनिया को हैरान करने की तैयारी में है. इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन ने घोषणा की कि इसरो एक ऐसा विशाल रॉकेट बना रहा है, जो 40 मंजिला इमारत जितना ऊंचा होगा. 75,000 किलोग्राम (75 टन) वजन को पृथ्वी की निचली कक्षा (लो-अर्थ ऑर्बिट) में ले जाएगा. यह भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक ऐतिहासिक कदम है. 40 मंजिला रॉकेट: क्या है यह नया प्रोजेक्ट? इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन ने हैदराबाद में उस्मानिया विश्वविद्यालय के…
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ISRO का नया धमाल: स्मार्टफोन सीधे अंतरिक्ष से जुड़ेगा, बदल जाएगी दुनिया की तस्वीर
नई दिल्ली भारत ने अमेरिका के साथ मिलकर एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है. 30 जुलाई को दुनिया का सबसे महंगा अर्थ ऑब्जर्वेशन मिशन निसार (NISAR) लॉन्च करने के बाद भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी (ISRO) अब अमेरिका का 6,500 किलोग्राम वजनी कम्युनिकेशन सैटेलाइट ब्लॉक-2 ब्लूबर्ड (Block-2 BlueBird) लॉन्च करेगा. इसरो के चेयरमैन वी. नारायणन ने रविवार को यह जानकारी दी. इसरो चीफ नारायणन ने बताया कि यह अमेरिकी सैटेलाइट सितंबर में भारत पहुंचेगा और श्रीहरिकोटा स्पेसपोर्ट से इसरो के सबसे भारी रॉकेट एलवीएम-3-एम5 (LVM-3-M5) के जरिये अंतरिक्ष…
Read More52 डिफेंस सर्विलांस सैटेलाइट लॉन्च करेगा भारत, ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ी जरूरत
नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के बाद दुश्मन के इलाके पर लगातार नजर रखने की जरूरत महसूस की जा रही है। इसलिए, भारत अपनी सेना के लिए 52 नए सैटेलाइट (डिफेंस सर्विलांस सैटेलाइट) जल्दी ही लॉन्च करने की योजना बना रहा है। साथ ही एक मजबूत मिलिट्री स्पेस डॉक्ट्रिन ( अंतरिक्ष में युद्ध के नियम) भी तैयार कर रहा है। पिछले साल अक्टूबर में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ने स्पेस-बेस्ड सर्विलांस (SBS) प्रोग्राम के तीसरे चरण को मंजूरी दी थी। इस पर 26,968 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसके…
Read Moreभारतीय शुभांशु शुक्ला का Axiom-4 मिशन 22 जून तक स्थगित
नई दिल्ली भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला समेत चार अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) ले जाने वाले मिशन एक्सिओम-4 को 22 जून तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। एक्सिओम स्पेस ने बुधवार को यह घोषणा की। भारत, हंगरी और पोलैंड के यात्रियों को अंतरिक्ष में ले जाने वाला यह मिशन पहले 19 जून को निर्धारित था। मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रियों को फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट से आईएसएस भेजा जाना है। एक्सिओम स्पेस ने एक बयान में…
Read MoreISRO ने दी गुड न्यूज़, अंतरिक्ष यात्रा पर जाएंगे शुभांशु शुक्ला; नई तारीख की घोषणा
नई दिल्ली भारतीय वायुसेना के पायलट और इसरो के नए नवेले अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अब 19 जून 2025 को अंतरिक्ष के लिए रवाना होंगे। Ax-04 मिशन की लॉन्चिंग की नई तारीख की आधिकारिक पुष्टि की गई है। इसे पहले अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था। इसे फ्लोरिडा स्थित NASA के केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया जाएगा। आपको बता दें कि यह Axiom Space, SpaceX और ISRO का संयुक्त मिशन है। इसके साथ ही शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले भारत के चुनिंदा…
Read Moreभारत की सैटेलाइट्स ने कठिन परिस्थितियों में सशस्त्र बलों पर आए खतरे को टालने में अहम भूमिका निभाई: ISRO
नई दिल्ली पाकिस्तान की ओर से हाल ही में हुए सैन्य संघर्ष के दौरान ड्रोन और मिसाइलों की बौछार के बीच भारत का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी मजबूती से खड़ा रहा और एक प्रभावी ढाल का काम किया. भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो (ISRO) ने बताया कि भारत के सैटेलाइट्स ने सशस्त्र बलों को हवा में आ रहे हथियारों की सटीक दिशा-ट्रैजेक्टरी की जानकारी देकर अहम भूमिका निभाई. 9 और 10 मई की रात को भारत के एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम 'आकाशतीर' और रूस से मंगाए गए S-400 सिस्टम ने मिलकर…
Read Moreइसरो एक बार फिर अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए तैयार, रात में भी होगी रखवाली
नई दिल्ली भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) एक बार फिर अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए तैयार है। इसरो 18 मई यानी कल अपने विश्वसनीय पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (पीएसएलवी-सी61) के माध्यम से खास ईओएस-09 (RISAT-1B) सैटेलाइट को प्रक्षेपित करने जा रहा है। यह प्रक्षेपण सुबह 5:59 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से होगा। इस सैटेलाइट के साथ भारत की रात के समय और हर मौसम में निगरानी की क्षमता को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बादलों के आर-पार देखने की क्षमता यह उपग्रह न…
Read MoreISRO के पूर्व चीफ डॉ. के. कस्तूरीरंगन का निधन, रॉकेट के विकास में प्रमुख भूमिका निभाई थी
बेंगलुरु भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व प्रमुख और प्रख्यात अंतरिक्ष वैज्ञानिक डॉ. के. कस्तूरीरंगन का 84 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने बेंगलुरु में अंतिम सांस ली। 27 अप्रैल को लोग कर सकेंगे अंतिम दर्शन के कस्तूरीरंगन नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के मसौदा समिति के अध्यक्ष भी थे। अधिकरियों ने बताया कि आज सुबह उनका निधान हुआ है। 27 अप्रैल को अंतिम दर्शन के लिए उनका पार्थिव शरीर रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (RRI) में रखा जाएगा। एनईपी में सूचीबद्ध शिक्षा सुधारों के पीछे के व्यक्ति के…
Read Moreकेंद्र सरकार ने दी चंद्रयान-5 मिशन को मंजूरी: वी नारायणन
नई दिल्ली केंद्र सरकार ने महत्वाकांक्षी ‘चंद्रयान-5 मिशन’ को मंजूरी दे दी है. इस मिशन के तहत, चंद्रमा की सतह का अध्ययन करने के लिए 250 किलोग्राम का रोवर भेजा जाएगा. ISRO के अध्यक्ष वी. नारायणन ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि यह मिशन जापान के सहयोग से संचालित किया जाएगा. रविवार को एक सम्मान समारोह में बोलते हुए ISRO प्रमुख ने कहा कि ‘चंद्रयान-5’ को हाल ही में हरी झंडी मिली है. उन्होंने बताया कि इससे पहले ‘चंद्रयान-3’ मिशन के तहत 25 किलोग्राम का रोवर ‘प्रज्ञान’…
Read Moreभारत 2027 में चंद्रयान-4 मिशन लॉन्च करेगा, अंतरिक्ष में डॉकिंग और अनडॉकिंग होगी
नई दिल्ली विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत 2027 में चंद्रयान-4 मिशन लॉन्च करेगा, जिसका उद्देश्य चंद्रमा की सतह से नमूने इकट्ठा करना और उन्हें पृथ्वी पर वापस लाना है. चंद्रयान-4 मिशन में LVM-3 रॉकेट के कम से कम दो अलग-अलग लॉन्च शामिल होंगे, जो मिशन के पांच अलग-अलग यंत्रों को ले जाएंगे, जिन्हें कक्षा में इकट्ठा किया जाएगा. सिंह ने कहा कि गगनयान मिशन, जिसमें विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए अंतरिक्ष यान में भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजना और…
Read MoreISRO के 100वें मिशन को झटका , NVS-02 सैटेलाइट क्यों मनचाही कक्षा में स्थापित नहीं हो पाया?
बेंगलुरु ISRO यानी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के 100वें रॉकेट मिशन को झटका लगा है। खबर है कि बुधवार को लॉन्च हुए मिशन को रविवार को तकनीकी परेशानी का सामना करना पड़ा है। 2250 किलो वजनी सैटेलाइट नेविगेशन विद इंडियन कॉन्स्टलेशन या NavIC का हिस्सा थी। माना जाता है कि NavIC सीरीज की कई सैटेलाइट्स 2013 से लेकर अब तक उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं। ISRO के NVS-02 उपग्रह को कक्षा में स्थापित करने के प्रयासों को उस समय झटका लगा जब अंतरिक्ष यान में लगे ‘थ्रस्टर्स’ काम नहीं…
Read MoreISRO ने लगाई सेंचुरी, लॉन्च किया NVS-02; भारत का सटीक होगा नेविगेशन सिस्टम
नई दिल्ली भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने अपना 100वां मिशन पूरा किया है। इसरो ने एक नया नेविगेशन सैटेलाइट बुधवार तड़के लॉन्च किया। यह मिशन इसरो के नए अध्यक्ष एस सोमनाथ के नेतृत्व में हुआ। यह सैटेलाइट भारत और आसपास के क्षेत्रों में बेहतर नेविगेशन सेवाएं देगा। यह इसरो का 2025 का पहला मिशन भी है। इसरो चीफ ने जताई खुशी इसरो ने श्रीहरिकोटा से जीएसएलवी रॉकेट के जरिए सैटेलाइट लॉन्च किया। यह लॉन्च इसरो अध्यक्ष वी नारायणन के लिए खास था। उन्होंने 13 जनवरी को पदभार संभाला था। यह…
Read MoreISRO के 100वें लॉन्च का काउंटडाउन शुरू, दूसरे Launch Pad पर तैयारी पूरी
बेंगलुरु ISRO ऐतिहासिक 100वें मिशन के लिए 27 घंटे की गिनती शुरू हो गई है. इस मिशन में एक नेविगेशन सैटेलाइट को जीएसएलवी रॉकेट पर लॉन्च किया जाएगा. यह इसरो के नए अध्यक्ष वी नारायणन का पहला मिशन भी होगा, जिन्होंने 13 जनवरी को कार्यभार संभाला था. आज 29 जनवरी 2025 को 06:23 बजे GSLV-F15 रॉकेट से NVS-02 मिशन लॉन्च करने जा रहा है. जीएसएलवी-F15 की 17वीं उड़ान है. एनवीएस-02 उपग्रह है, जो नाविक (NAVIC) उपग्रह प्रणाली का हिस्सा है. लॉन्च साइट सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र का दूसरा लॉन्च पैड…
Read Moreश्रीहरिकोटा से 100वीं लॉन्चिंग करेगा इसरो, GSLV-F15 रॉकेट के द्वारा NVS-02 उपग्रह को किया जायेगा लॉन्च
नई दिल्ली भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) 29 जनवरी को एक ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ अपने 100वें प्रक्षेपण के लिए तैयार है। इस मिशन के तहत GSLV-F15 रॉकेट के द्वारा NVS-02 उपग्रह को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SHAR) से लॉन्च किया जाएगा। यह प्रक्षेपण भारत के स्वदेशी नेविगेशन सिस्टम NavIC को एक और मजबूत क्षमता प्रदान करेगा। मिशन का उद्देश्य NVS-02 उपग्रह का लॉन्च GSLV-F15 मिशन की उड़ान ISRO के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत के स्वदेशी नेविगेशन उपग्रह प्रणाली NavIC को आगे बढ़ाने में मदद…
Read Moreमानव मिशनों की तैयारी में इसरो, अंतरिक्ष में पौधे उगाने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी
हैदराबाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अंतरिक्ष में पौधे उगाने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। हाल ही में इसरो ने लोबिया (ब्लैक-आइड पी) के बीज अंतरिक्ष में अंकुरित करने का सफल प्रयोग किया। यह प्रयास उनके क्रोप प्रोजेक्ट के तहत किया गया था। मानव मिशनों की तैयारी: इसरो के मिशन के तहत मंगल और चांद जैसे लंबी अवधि के मिशनों के दौरान ताजे भोजन की जरुरत होगी। अंतरिक्ष यात्री सीमित प्री-पैकेज्ड भोजन और मल्टीविटामिन पर निर्भर नहीं रह सकते, क्योंकि समय के साथ अंतरिक्ष यात्री…
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