चित्तौड़गढ़. जिंदा रहने के लिए जीवन में शौक जरूरी है। जीने के लिए काम करता रहता हूं। पढ़ाई को मैंने शौक बनाया इसलिए अब लॉ की पढ़ाई कर रहा हूं। काम करते रहने से स्पीड बनी रहती है। जीवन में इससे अनुभव भी मिलता है। यह कहना है चितौड़गढ़ शहर के प्रतापनगर निवासी सरपाल सिंह अरोड़ा (सिक्ख) का, जिन्होंने 81 साल की उम्र में एलएलबी प्रथम वर्ष के लिए प्रवेश लिया है और अपने पौत्र और पौत्री की उम्र के बच्चों के साथ बैठकर रोजाना लॉ कॉलेज आकर पढ़ाई कर…
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