हिंदू धर्म में पंचक काल को विशेष सावधानी बरतने वाला समय माना जाता है. पंचांग के अनुसार 17 फरवरी 2026 से पंचक की शुरुआत हो गई है, जो 21 फरवरी 2026 तक रहेगा. इस बार पंचक मंगलवार से शुरू हो रहा है, इसलिए इसे अग्नि पंचक कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान कुछ विशेष कार्य करने से बचना चाहिए, वर्ना जीवन में परेशानियां और नुकसान बढ़ सकता है. कब से कब तक रहेगा पंचक? पंचांग के अनुसार पंचक की शुरुआत 17 फरवरी 2026, मंगलवार सुबह 09:05 बजे…
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आज आधी रात से शुरू हो रहे हैं पंचक, इन कामों से रखें दूरी वरना बढ़ सकती हैं मुश्किलें
हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में समय की गणना को बहुत महत्व दिया गया है. शुभ कार्यों के लिए जहां हम मुहूर्त देखते हैं, वहीं कुछ समय ऐसा भी होता है जिसे वर्जित माना गया है. ऐसा ही एक समय है पंचक. आज यानी 20 जनवरी की देर रात से पंचक शुरू हो रहे हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पंचक के दौरान कुछ विशेष कार्यों को करने से बचना चाहिए, क्योंकि माना जाता है कि इस दौरान किए गए अशुभ कार्य का प्रभाव पांच गुना बढ़ जाता है. कब से…
Read Moreनवंबर में दोबारा पंचक, लेकिन इस बार होंगे शुभ परिणाम—जानिए कारण
जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्रों से गुजरता है, तो पंचक लगते हैं. पंचक के 5 दिनों को शुभ-मांगलिक कामों के लिए अच्छा नहीं माना जाता है. विशेष तौर पर इन 5 दिनों में कोई भी नया काम शुरू नहीं किया जाता है. नवंबर महीने की शुरुआत पंचक से हुई थी और अब एक बार फिर से पंचक लगने जा रहे हैं. नवंबर 2025 में पंचक नवंबर महीने में 27 तारीख की दोपहर 02:07 बजे से फिर से पंचक लगने जा रहे हैं. जो कि…
Read Moreदेवउठनी एकादशी 2025: भद्रा और पंचक के समय के साथ व्रत, पूजन व पारण की सही जानकारी
हिंदू धर्म में देवउठनी एकादशी का खास महत्व है। देवउठनी एकादशी को प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी व्रत रखा जाता है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, देवउठनी एकादशी के दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं। इस दिन से ही शुभ व मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। कहा जाता है कि इस व्रत को करने से पापों से मुक्ति मिलती है और व्यक्ति सभी सुखों को भोगकर अंत…
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