वाराणसी प्रयागराज माघ मेले में स्नान को लेकर विवादों में आए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती कभी शंकराचार्य नहीं थे। वे सिर्फ नकारात्मक प्रचार के जरिए समाज के साथ छल करने का काम कर रहे हैं। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा, "अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती 2020 में 2013-14 की वसीयत लेकर आए थे। 2020 में उनके अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के गुरु (शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती) ने अपना उत्तराधिकारी बनाने से साफ इनकार किया था। उन्होंने…
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