यूपी में जंगली जानवरों और कीटों के हमले को भी माना जाएगा राज्य आपदा, मुआवजा देगी सरकार, जानिए पूरी डिटेल

 लखनऊ

उत्तर प्रदेश में अब जंगली जानवरों और कीटों के हमले को भी राज्य आपदा माना जाएगा. सियार, लोमड़ी और मधुमक्खियों के हमलों में जान जाने या घायल होने की स्थिति में अब सरकार मुआवजा देगी.

दरअसल, योगी सरकार अब सियार, लोमड़ी और मधुमक्खियों के हमलों को भी राज्य आपदा की श्रेणी में शामिल करने जा रही है. इस प्रस्ताव को राज्य कार्यकारिणी समिति ने मंजूरी दे दी है. जल्द ही इसकी अधिसूचना भी जारी की जाएगी.

ये भी पढ़ें :  यमुना एक्सप्रेसवे पर तेजी से आकार ले रहा टॉय पार्क, 154 में से 143 प्लॉट आवंटित

गौरतलब है किपिछले साल बहराइच समेत कई जिलों में ऐसे हमलों में आठ बच्चों और एक महिला की जान गई थी. वहीं, बीते दिनों ललितपुर के देवगढ़ में मधुमक्खियों के हमले में सीडीओ कमलाकांत पांडेय सहित नौ अधिकारी घायल हुए थे. जबकि, पीलीभीत में सियारों ने सात बच्चों समेत 12 लोगों को घायल कर दिया था.

फिलहाल, राज्य आपदा सूची में बेमौसम बारिश, आकाशीय बिजली, सर्पदंश, नीलगाय और सांड के हमले जैसी घटनाएं भी शामिल हैं, जिनमें अब इन नए हमलों को भी जोड़ा जाएगा.

ये भी पढ़ें :  ईरान युद्ध का असर अयोध्या तक, गैस किल्लत से ‘राम रसोई’ बंद, हनुमानगढ़ी के लड्डू प्रसाद पर संकट

यह भी पढ़ें: ललितपुर में मधुमक्खियों का तांडव… ADM को 500 डंक मारे, CDO को भी काटा, IAS भागकर गाड़ी में बंद हुए

इन हमलों में मौत होने पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा. घायल व्यक्ति का इलाज सरकारी अस्पतालों में निशुल्क किया जाएगा. लेकिन इसके लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट कारण होना अनिवार्य होगा.

ये भी पढ़ें :  मिशन शक्ति से मिली प्रेरणा, तालाब से बदली जिंदगी

मुआवजा पाने के लिए पीड़ित परिवार 1070 हेल्पलाइन पर या जिले के डीएम/एडीएम को सूचना देकर आवेदन कर सकते हैं. तहसील स्तर की रिपोर्ट के बाद 24 से 72 घंटे के भीतर मुआवजा जारी करने का प्रावधान रखा गया है. राज्य सरकार का यह कदम उन ग्रामीण इलाकों के लिए राहत साबित हो सकता है जहां ऐसे हमलों की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं.

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment