ट्विटर के फाउंडर जैक डोर्सी ने 4000 कर्मचारियों को निकाला, कहा- AI के कारण हो रही छंटनी

 नई दिल्ली

टेक दुनिया से बड़ी खबर सामने आई है. Twitter के को-फाउंडर जैक डॉर्सी की कंपनी Block Inc. ने करीब 4,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. यह संख्या कंपनी के कुल स्टाफ का लगभग 40 फीसदी बताई जा रही है. सबसे अहम बात यह है कि कंपनी ने इस बड़े कदम के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को वजह बताया है.

अब तक कंपनियां छंटनी करते वक्त ये साफ तौर पर नहीं बताती थीं कि जॉब AI की वजह से जा रही है. लेकिन Jack Doresey ने ये साफ किया है कि उन्होंने अपनी कंपनी से लोगों को AI की वजह से ही निकाला है.

Block एक फिनटेक कंपनी है जो Cash App और Square जैसी सेवाएं चलाती है. कंपनी का कहना है कि वह अब AI पर ज्यादा फोकस कर रही है और काम करने का तरीका बदल रही है.

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आर्थिक संकट में नहीं है कंपनी, फिर भी निकाले गए लोग

जैक डॉर्सी  ने अपने संदेश में कहा कि कंपनी आर्थिक संकट में नहीं है. बिजनेस ठीक चल रहा है, लेकिन AI की वजह से अब कम लोगों के साथ ज्यादा काम संभव हो रहा है.

डोर्सी ने कहा कि टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है और कंपनियों को समय रहते बदलाव करना होगा. उनके मुताबिक कई कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अपनाने में देर कर रही हैं. Block ने एक साथ बड़ा फैसला लेकर अपनी टीम का आकार छोटा कर दिया ताकि आगे की रणनीति साफ रहे.

इस खबर के बाद शेयर बाजार में Block के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला. रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी के शेयर करीब 20 से 25 फीसदी तक चढ़ गए. निवेशकों को लग रहा है कि AI के इस्तेमाल से कंपनी की लागत घटेगी और मुनाफा बढ़ सकता है.

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हालांकि कर्मचारियों के लिए यह बड़ा झटका है. इतनी बड़ी संख्या में नौकरी जाने से टेक सेक्टर में चिंता बढ़ गई है. पिछले कुछ समय से दुनिया भर में टेक कंपनियां स्टाफ कम कर रही हैं, लेकिन इस बार साफ तौर पर AI को वजह बताया जाना चर्चा का विषय बन गया है.

कर्मचारियों को मिलेगा मुआवजा और सपोर्ट

जैक डॉर्सी  ने यह भी कहा कि जिन कर्मचारियों की नौकरी गई है, उन्हें नियमों के मुताबिक मुआवजा और कुछ समय तक सपोर्ट दिया जाएगा. अलग-अलग देशों में नियम अलग होने की वजह से यह पैकेज भी अलग हो सकता है.

इस फैसले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. क्या AI अब सच में इंसानों की नौकरियां ले रहा है? टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि AI पूरी तरह नौकरियां खत्म नहीं करता, बल्कि काम की प्रकृति बदल देता है. जिन भूमिकाओं में दोहराव वाला काम ज्यादा है, वहां AI तेजी से जगह बना रहा है.

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Block का यह कदम संकेत देता है कि आने वाले समय में और कंपनियां भी इसी दिशा में जा सकती हैं. अगर AI से कम स्टाफ में ज्यादा काम हो सकता है, तो कंपनियां लागत कम करने के लिए ऐसे फैसले ले सकती हैं.

टेक इंडस्ट्री में यह बदलाव सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं है. यह एक बड़े ट्रेंड की तरफ इशारा करता है, जहां AI अब सिर्फ चर्चा का विषय नहीं, बल्कि बिजनेस रणनीति का हिस्सा बन चुका है. आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि दूसरी बड़ी कंपनियां क्या कदम उठाती हैं.

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