एनएमडीसी ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 आयोजन के अधीन आरंभ किया त्रैमासिक अभियान

हैदराबाद

 केंद्रीय सतर्कता आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार, एनएमडीसीलिमिटेड ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 के पूर्वाभ्यास के रूप में त्रैमासिक अभियानआरंभ किया । इस अभियान का उद्देश्य पूरे संगठन में सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता, ईमानदारीऔर सुशासन के मूल्यों को बढ़ावा देना और जागरूकता को मजबूत करना है।एनएमडीसी के सतर्कता विभाग ने इस अभियान के भाग के रूप में एनएमडीसी मुख्यालय,हैदराबाद में दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम केंद्रीयसतर्कता आयोग द्वारा पहचाने गए प्रमुख क्षेत्रों में कर्मचारियों में जागरूकता बढ़ाने औरक्षमता निर्माण के लिए आयोजित किया गया ।

इस सत्र में  अनुराग कपिल, निदेशक (वित्त), एनएमडीसी और  सी. नीलकंठ रेड्डी ,मुख्य सतर्कताअधिकारी, एनएमडीसी विशेष रूप से उपस्थित रहे। निदेशक (वित्त) ने अपनेसंबोधन में, सतर्कता और वित्त कार्यों में गहरे तालमेल पर बल दिया। उन्होंने पारदर्शिता,जवाबदेही और सही निर्णय लेने को सुनिश्चित करने के लिए आधिकारिक फाइलों पर स्पष्ट,विशिष्ट और तर्कसंगत स्पष्टीकरण व औचित्य दर्ज करने के महत्व पर भी बल दिया।

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 सी. नीलकंठ रेड्डी, मुख्य सतर्कता अधिकारी ने समापन सत्र के दौरान, प्रतिभागियों कोसंबोधित करते हुए सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 के विषय — "समृद्धि के लिएईमानदारी&quot(Probity for Prosperity) पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी संगठनात्मक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, नैतिकताऔर जवाबदेही के मूल मूल्यों को विकसित करने की आवश्यकता परबल दिया। 
उन्होंने सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 के लिए एनएमडीसी की तैयारियों कोसशक्त और केंद्रीय सतर्कता आयोग के दिशानिर्देशों के अनुरूप अपनी सक्रीय भागीदारी और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

एनएमडीसी के मुख्य सतर्कता अधिकारी  सी. नीलकंठ रेड्डी ने अभियान के महत्व औरपूरे संगठन में सतर्कता कार्यप्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों केप्रख्यातवक्ताओं और विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया,जिन्होंने आईटी और साइबर सुरक्षा व साइबर स्वच्छता,जीएफआर-2017 के तहत जीईएम- न्यू फीचर्स एण्ड फंक्शनेलिटी तथा कंडक्ट रुल्स एण्ड कन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरस्ट जैसेमहत्वपूर्ण विषयों पर अपना अगाध ज्ञान और व्यावहारिक दृष्टिकोण साझा किया।

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पहले दिन के सत्र में मती के इंद्र्वेणी , वैज्ञानिक-एफ एवं संबद्ध निदेशक, सी-डैक नेसाइबर सुरक्षा और साइबर स्वच्छता तथा  डी. ब्रह्मा रेड्डी ,दिल्ली विश्वविद्यालय केसंबद्ध प्रोफेसर तथा आईएसटीएम ,नई दिल्ली के पूर्व संकाय ने पब्लिक प्रक्यूरमेंट ऑफगूडस सर्विस अंडर जीएफआर-2017 पर सत्र आयोजित किए।दूसरे दिन  कार्तिकेय दत्ता ,उप मुख्य सामग्री प्रबंधक (सामान्य) आईआरएसएस नेप्रक्यूरमेंट फ्रेमवर्क ,बेस्ट पैक्टिस एण्ड रीसेंट डेवलपमेंट इन जीईम, तथा कर्नूल क्षेत्र केपोस्टमास्टर जनरल और बीडीएल ,मिधानि एवं एचएसएल के पूर्व मुख्य सतर्कता अधिकारीडॉ. उपेंदर वेन्नम ने मॉडल सीडीए रुलस एण्ड कनफ्लिक्ट ऑफ इंटर्स्ट विषय पर सत्र संचालित किए।

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इन सत्रों ने प्रतिभागियों को अपने आधिकारिक दायित्वों के निर्वहन में सतर्कता जागरूकता,पारदर्शिता, अनुपालन और नैतिक निर्णय लेने को मजबूत करने पर मूल्यवान दृष्टिकोणप्रदान किए।

यह अभियान सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 तथा सम्पूर्ण अभियान की अवधि के दौरानविभिन्न जागरूकता और क्षमता निर्माण पहलों के साथ जारी रहेगा।

एनएमडीसी ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 के तहत "समृद्धि के लिएईमानदारी"विषय पर त्रैमासिक अभियान के रूप में, क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम संगठन में सतर्कता, पारदर्शिता, अनुपालन, नैतिक आचरण और सुशासन को मजबूत करने के लिए मूल्यवान अंतर्दृष्टि और व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रदान करेगा ।

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