राजसमंद में बनेगा 100 बेड का उप जिला अस्पताल, 29 करोड़ से 5 महीने में होगा तैयार

राजसमंद.

जिले के भीम उपखंड मुख्यालय में चिकित्सा सुविधाओं को नई ऊंचाई देने वाला उप जिला चिकित्सालय एवं मातृ-शिशु चिकित्सा इकाई भवन 29 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। दोनों परियोजनाओं के इस वर्ष जून तक पूर्ण होने की उम्मीद है। राज्य सरकार की ओर से नये वर्ष की शुरुआत में ही यह खबर भीम सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।

भीम से लगभग 100 किलोमीटर की परिधि में स्थित भीलवाड़ा और ब्यावर जिले के टॉडगढ़, रायपुर, बदनोर, करेड़ा और आसींद क्षेत्रों की लाखों की आबादी को इन दोनों अत्याधुनिक चिकित्सा भवनों से बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

ये भी पढ़ें :  7 अक्टूबर को शुभारम्भ...अब नई सुविधाओं और अत्याधुनिक मशीनों से जिले में ही सम्भव होगा सभी तरह के जांच एवं उपचार, स्पीकर रमन सिंह समेत कई दिग्गज होंगे शामिल

NHM और डीएमएफ फंड से मिली 2 बड़ी स्वास्थ्य परियोजनाएं
भारत सरकार के नेशनल हेल्थ मिशन एवं डिस्ट्रिक मिनरल फंड ट्रस्ट के बजट से भीम को कुल दो अत्याधुनिक चिकित्सा भवन मिलने जा रहे हैं। इससे क्षेत्रीय स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत आधार मिलेगा और गंभीर रोगियों को बड़े शहरों की ओर रेफर करने की मजबूरी कम होगी। एनएचएम के ठेकेदार कंपनी के प्रोजेक्ट इंचार्ज सागर पंवार ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 29 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन 100 बेड का उप जिला चिकित्सालय भवन लगभग अंतिम दौर में है। आगामी वर्ष में यह भवन आमजन के लिए पूरी तरह उपलब्ध हो जाएगा। यह पूरा भवन चिकित्सा विभाग द्वारा एनएचएम प्रोजेक्ट के अंतर्गत निर्मित किया जा रहा है।

ये भी पढ़ें :  राजस्थान-जयपुर में कौन करवाएगा आईपीएल मैच? आठ महीनों से एडहॉक के जिम्मे कामकाज: चांदना

मरीजों को ये मिलेंगी सुविधाएं

  1. 10 आधुनिक इनडोर वार्ड
  2. सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्स-रे एवं सोनोग्राफी
  3. लाल, पीला और हरा जोन आधारित आपातकालीन व्यवस्था
  4. एचडीयू कम आईसीयू एवं आइसोलेशन यूनिट
  5. इमरजेंसी ऑपरेशन थियेटर
  6. बहिरंग रोगी विभाग (ओपीडी)

50 बेड की मातृ-शिशु गहन चिकित्सा इकाई भी तैयार
डिस्ट्रिक मिनरल फंड ट्रस्ट के माध्यम से पूर्ववर्ती गहलोत सरकार द्वारा स्वीकृत 50 बेड की मातृ एवं शिशु गहन चिकित्सा इकाई का निर्माण कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। यह भवन भी आगामी वर्ष में आमजन को समर्पित होने की उम्मीद है। इससे 50 किलोमीटर के दायरे में स्थित तीन जिलों की प्रसूता एवं धात्री महिलाओं के साथ-साथ नवजात शिशुओं को उन्नत चिकित्सा सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकेंगी।

ये भी पढ़ें :  पुरानी दुश्मनी बनी जानलेवा, फलासिया हत्याकांड में चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

एमसीएच विंग में मिलेंगी ये सुविधाएं

  1. 5 अत्याधुनिक वार्ड
  2. शिशु रोग एवं स्त्री रोग के अलग-अलग ओपीडीअल्ट्रासाउंड सुविधा
  3. एचडीयू एवं प्रयोगशाला8 लेबर रूम
  4. ऑपरेशन थियेटरएसएनसीयू
  5. काउंसलिंग सेंटर एवं पोस्ट ऑपरेशन थियेटर
Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment