यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा राष्ट्रव्यापी मेगा एमएसएमई आउटरीच अभियान का शुभारंभ

मुंबई,

 यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा राष्ट्रव्यापी मेगा एमएसएमई आउटरीच अभियान का शुभारंभ किया गया है. यह अभियान सप्ताहभर चलने वाली पहल है, जिसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सशक्त बनाना, उद्यमशीलता और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना है.

इस अभियान का शुभारंभ बेंगलुरु में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की प्रबंध निदेशक एवं सीईओ ए. मणिमेखलै द्वारा किया गया, जिन्होंने वित्तीय सहायता, डिजिटल समाधान और जागरूकता पहलों के माध्यम से एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने के लिए बैंक की प्रतिबद्धता पर जोर दिया. उन्होंने बताया:
"यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की एमएसएमई के लिए वित्तीय समावेशन और समग्र समर्थन के लिए प्रतिबद्धता दृढ़ है. इस राष्ट्रव्यापी अभियान के माध्यम से, हमारा लक्ष्य एमएसएमई की वृद्धि और संवहनीयता सुनिश्चित करते हुए प्रौद्योगिकी और सरकारी पहलों द्वारा समर्थित वित्तीय उत्पादों तक निर्बाध एक्सेस प्रदान करना है. हमारा व्यापक उत्पाद सूट ऋण प्राप्त करने में ग्राहक अनुभव को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, और हम एक सक्षम इकोसिस्टम को बढ़ावा देना जारी रखते हैं जो भारत के एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करता है, जो विकसित भारत के व्यापक दृष्टिकोण में योगदान देता है."

ये भी पढ़ें :  केरल मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का खौफनाक मामला, प्राइवेट पार्ट से लटकाए गए डम्बल

इस पहल के भाग के रूप में, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा अपने उद्यमी-अनुकूल एमएसएमई उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसमें त्वरित और परेशानी मुक्त ऋण के एक्सेस के लिए एमएसएमई सुपरफास्ट, युवा उद्यमियों के लिए युवाशक्ति और महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए यूनियन नारी शक्ति शामिल हैं. बैंक वित्तीय समावेशन को बढ़ाने और छोटे कारोबारों को बढ़ावा देने के लिए प्रधान मंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई), पीएम विश्वकर्मा, प्रधान मंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई), और प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) जैसी सरकारी वित्तीय योजनाओं को भी सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है.

ये भी पढ़ें :  BCCI के ब्रॉडकास्ट इंजीनियर का शव मुंबई के होटल में मिला, IPL मैच कवरेज की थी जिम्मेदारी

इस अभियान में उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और स्थानीय कारोबार की ओर से उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई है. छोटे कारोबारों को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम में, पात्र उधारकर्ताओं को कार्यक्रम के दौरान ही स्वीकृति पत्र वितरित किए गए, जिसके माध्यम से आर्थिक विकास और वित्तीय एक्सेसिबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए बैंक की प्रतिबद्धता सुदृढ़ की गई.

एमएसएमई आउटरीच अभियान देश भर में 157 स्थानों पर चलाया जा रहा है, जहाँ यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा खुदरा कासा जमा खाते खोलने की सुविधा भी प्रदान की जा रही है, जिससे बैंक के ग्राहक बढ़ाने और वित्तीय समावेशन प्रयासों की मजबूती सुनिश्चित की जा रही है.

ये भी पढ़ें :  स्कूल बस को ओवरटेक करना पड़ा भारी, नहर में गिरी बाइक; मौके पर मचा हड़कंप

इस पहल के माध्यम से, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया छोटे कारोबारों के उत्थान,क्रेडिट के एक्सेस को सुविधाजनक बनाने और एमएसएमई के लिए बनाए गए वित्तीय समाधानों के बारे में जागरूक बनाने के लिए अपने समर्पण की पुष्टि करता है. उद्यमियों और वित्तीय सेवाओं के बीच एक लिंक स्थापित करके, बैंक भारत के एमएसएमई  को बढ़ाने और समावेशी आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है.

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment