सतना के कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा के खिलाफ चेक बाउंस मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया

जबलपुर
 सतना के कांग्रेस MLA सिद्धार्थ कुशवाहा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जबलपुर की एक विशेष अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह वारंट चेक बाउंस के एक मामले में जारी हुआ है। जज डीपी सूत्रकार ने सतना कलेक्टर को वारंट का पालन करने का आदेश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 3 अप्रैल को होगी।

9 साल में एक बार भी कोर्ट नहीं पहुंचे कुशवाहा

कुशवाहा पर आरोप है कि उन्होंने विजय कंकने को 1.25 लाख रुपये का चेक दिया था, जो बाउंस हो गया था। यह मामला 2016 का है। MLA बनने के बाद यह केस जबलपुर की विशेष अदालत में ट्रांसफर हो गया था। दरअसल, विजय कंकने ने Negotiable Instruments Act की धारा 138 के तहत मामला दर्ज कराया था। अदालत ने पाया कि कटनी कोर्ट ने भी कुशवाहा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। लेकिन, कुशवाहा कटनी या जबलपुर में एक भी बार कोर्ट में पेश नहीं हुए।
SP को दिए हैं आदेश

ये भी पढ़ें :  प्रदेश की पिछड़े वर्ग की जातियों को केन्द्र की सूची में शामिल करने जनसुनवाई 4 जुलाई को

अदालत ने सतना SP को आदेश दिया है कि वे कुशवाहा को अगली सुनवाई, यानी 4 अप्रैल को कोर्ट में पेश करें। कोर्ट ने कुशवाहा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए कहा कि सतना SP यह सुनिश्चित करें कि कुशवाहा अगली सुनवाई में कोर्ट में मौजूद रहें। इसका मतलब है कि पुलिस को कुशवाहा को गिरफ्तार करके कोर्ट में लाना होगा।
इसलिए जारी किया गिरफ्तारी वारंट

ये भी पढ़ें :  स्वच्छता की कार्य-योजना आगामी 10 वर्षों को देखकर तैयार करें, नगरीय निकाय कार्य क्षमता वृद्धि के लिये रणनीति बनायें

2016 के इस मामले में कुशवाहा ने विजय कंकने को 1.25 लाख रुपये का चेक दिया था। जब कंकने ने चेक बैंक में जमा किया, तो वह बाउंस हो गया। यानी, कुशवाहा के खाते में पैसे नहीं थे। इसके बाद कंकने ने कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई। कुशवाहा के MLA बनने के बाद, यह मामला जबलपुर की विशेष अदालत में ट्रांसफर हो गया. यह अदालत नेताओं से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई करती है। लेकिन, कुशवाहा एक भी बार कोर्ट में पेश नहीं हुए। इसलिए, अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।

Share

Leave a Comment