रणजीत सावरकर ने कहा कि बांग्लादेशी मुस्लिमों को भगा नहीं सकते तो, उनका आर्थिक बहिष्कार करो

इंदौर

इंदौर में वीर सावरकर की प्रतिमा का अनावरण हुआ। इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव के अलावा सावरकर के पोते रणजीत सावरकर भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि हम अपने देश से बांग्लादेशियों को भगा नहीं सकते , लेकिन उनका आर्थिक बहिष्कार होना चाहिए। अब तो वे पहचान छुपाकर रहने लगे है। उनका बहिष्कार होगा तो वे संकट में आएंगे औ देश से उन्हें जाना पड़ेगा।

 रणजीत ने कहा कि  आजादी के समय देश में 8 प्रतिशत मुस्लिम थे, जो अब 22 प्रतिशत हो गए। वर्ष 1970 में बांग्लादेश से एक-डेढ़ करोड़ मुस्लिम देश में आए थे। अब उनकी संख्या भी काफी बढ़ गई है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कहा कि कई प्रदेशों मेें हिन्दूवादी सरकार है। कई सीटों पर कम अंतरों से जीत हुई है। वहां अब बांग्लादेशी मुस्लिम को बसाया जा रहा है, ताकि भविष्य में उनके उम्मीदवार जीत सके।

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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि वीर सावरकर ने अनेक कष्ट सहे। जेल में उन्हें यातनाएं दी गई। देश को स्वतंत्रता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके इतिहास को सही रुपों में समझने की जरुरत है। मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर के प्रगति नगर में जनसहयोग से वीर सावरकर की प्रतिमा लगाई गई है। विधायक मधु वर्मा ने प्रारंभ में स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे।

 

वीर सावरकर के पोते रणजीत सावरकर ने कहा कि आजादी के समय देश में 8 फीसदी मुस्लिम थे, जो अब 22 फीसदी हो गए हैं। 1970 में डेढ़-दो करोड़ बांग्लादेशी मुस्लिम आ गए। अब यह 10 करोड़ हो गए हैं।

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उन्होंने आगे कहा- देखने में लगता है कि आज अधिकांश जगह हिंदुत्व वादी सरकार है। लेकिन कम मार्जिन से जीत वाली सीटों की संख्या अधिक है। इन बांग्लादेशी मुस्लिमों को वहां बसाया जा रहा है, जहां कम मार्जिन था। ताकि आगे जाकर उनके उम्मीदवार जीत सकें। ऐसा हुआ तो जो हिंदुत्व वादी सरकार हम देख रहे हैं वह आने वाले समय में आखरी सरकार सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर भारत के महान क्रांतिकारी, स्वतंत्रता सेनानी, चिन्तक, समाज सुधारक, इतिहासकार, कवि, ओजस्वी वक्ता तथा दूरदर्शी राजनेता थे। अपने कृतित्व से वे वीर सावरकर के नाम से लोकप्रिय हुए। उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर को याद करते ही आनंद एवं रोमांच की अनुभूति होती है। उन्होंने अनेक कष्ट एवं प्रताड़ना सह कर देश को स्वतंत्रता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जीवन आदर्श है। काला पानी जैसी सबसे कठिन सजा पाकर भी वे अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटे। वीर सावरकर के इतिहास को सही रूप में समझने की आवश्यकता है। हमारा लक्ष्य है कि उनके इतिहास को सही रूप में जन-जन तक पहुंचाया जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस स्थान की स्थापना जिस महापुरुष के नाम से होती है वह स्थान उन्हीं के नाम से जाना और पहचाना जाए। इसके लिए सूचना पटल लगाने सहित शासकीय पत्राचार और अन्य कार्यों में भी उनके नाम का उपयोग किया जाए।

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