धोनी को लेकर कोच का चौंकाने वाला खुलासा, घुटने में चोट, 10 ओवर बैटिंग करना मुश्किल…

मुंबई

 आईपीएल 2025 में जिस बात की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह है महेंद्र सिंह धोनी का चेन्नई सुपर किंग्स के लिए निचले क्रम में बल्लेबाजी करना। माही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ पिछले मैच में नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए थे, जबकि राजस्थान के खिलाफ वह सातवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए। कई पूर्व क्रिकेटर्न ने सीएसके टीम मैनेजमेंट और धोनी के इस फैसले की काफी आलोचना की थी।

अब चेन्नई सुपर किंग्स के कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने इस राज पर से पर्दा उठाया है। उन्होंने खुलासा किया है कि धोनी अब दस ओवर बल्लेबाजी नहीं कर सकते क्योंकि उनके घुटने में समस्या है और वह रन लेने में पहले की तरह समर्थ नहीं हैं। फ्लेमिंग ने कहा कि पूर्व कप्तान मैच की स्थिति के मुताबिक अपनी बल्लेबाजी क्रम तय करते हैं। सीएसके के कोच ने शिवम दुबे के विकेट को मैच का टर्निंग पॉइंट बताया। बेंगलुरु के खिलाफ सीएसके को 50 रन से और राजस्थान के खिलाफ छह रन से हार का सामना करना पड़ा।

फ्लेमिंग ने धोनी के बल्लेबाजी क्रम को लेकर क्या कहा?
राजस्थान के खिलाफ जब धोनी बल्लेबाजी के लिए उतरे तो टीम को 25 गेंदों में 54 रन की जरूरत थी, लेकिन माही 11 गेंदों पर सिर्फ 16 रन ही बना सके। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में फ्लेमिंग ने कहा, 'यह समय की बात है। एमएस इसका आकलन खुद करते हैं। उनका शरीर, उनके घुटने पहले जैसे नहीं हैं। वह चल तो ठीक से रहे हैं, लेकिन अभी भी इसमें पोषण संबंधी पहलू है। वह पूरी ताकत से 10 ओवर तक बल्लेबाजी नहीं कर सकते। इसलिए वह उस दिन आकलन उस मैच की स्थिति पर आकलन करते हैं कि वह हमारे लिए क्या कर सकते हैं।'

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'धोनी अन्य खिलाड़ियों पर भरोसा जताते और समर्थन करते हैं'
फ्लेमिंग ने कहा, 'अगर मैच संतुलित है, तो वह थोड़ा पहले बल्लेबाजी के लिए उतरेंगे, जबकि अन्य मौकों पर वह अन्य खिलाड़ियों पर भरोसा जताते हैं और उनका समर्थन करते हैं। इसलिए वह टीम में संतुलन बना रहे हैं। मैंने पिछले साल कहा था कि धोनी हमारे लिए बहुत कीमती हैं। टीम को दिशा-निर्देश देने और विकेटकीपिंग के साथ-साथ उन्हें नौवें-10वें ओवर में बल्लेबाजी के लिए उतारना उचित नहीं है।'

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पावरप्ले में हार गई थी चेन्नई की टीम
फ्लेमिंग ने कहा, 'धोनी ने पहले भी ऐसा कभी नहीं किया है। आप देखें तो माही लगभग 13-14 ओवर के बाद ही मैदान पर जाने की कोशिश करते हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि उस वक्त कौन मैदान पर है।' आरआर ने पावरप्ले में एक विकेट पर 79 रन बनाए, जबकि सीएसके ने एक विकेट गंवाकर सिर्फ 42 रन बनाए। फ्लेमिंग ने स्वीकार किया कि वे पावरप्ले में मैच हार गए थे।

'राजस्तान की तुलना में चेन्नई के खिलाड़ी ढीले पड़े'
उन्होंने कहा, 'अगर आप खेल का विश्लेषण करें तो दिखेगा कि दो पावरप्ले में दो अलग-अलग तरह का गेम हुआ। गेंदबाजी में हमने पावरप्ले में 80 रन खर्च कर दिए और बल्लेबाजी में हम केवल 40 रन ही बना पाए। स्कोरबोर्ड पर यही सबसे बड़ा अंतर रहा और हम राजस्थान की तुलना में मैदान में भी ढीले थे। राजस्थान की टीम ने शानदार फील्डिंग की और बॉडी लैंग्वेश दिखाया। फिलहाल मैच से यही दो निष्कर्ष हैं।'

फ्लेमिंग की नजर में ये हैं मैच के अहम पल
अहम पलों पर विचार करते हुए फ्लेमिंग ने कहा, 'मुझे लगता है कि (रियान) पराग का कैच मैच का टर्निंग पॉइंट था। दुबे जब बैटिंग कर रहे थे तो मैच हमारे पक्ष में जा रहा था, लेकिन वानिंदु हसरंगा ने हिम्मत दिखाई, आप इससे इनकार नहीं कर सकते। उन्होंने निश्चित रूप से गेंद को फ्लाइट कराया। कभी-कभी आप फ्लाइट गेंद करते हैं तो इसका नुकसान आपकी टीम को हो सकता है, क्योंकि बड़े शॉट लगते हैं। हालांकि, हसरंगा में ऐसा करने का साहस था और गायकवाड़ का विकेट भी बहुत चतुराई से लिया गया था। इसलिए हसरंगा ने अपना संयम बनाए रखा और अच्छा प्रदर्शन किया।'

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फ्लेमिंग ने नीतीश राणा की भी तारीफ की
फ्लेमिंग ने नीतीश राणा की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, 'नीतीश ने अच्छा खेला। मुझे लगता है कि उन्होंने शुरुआत में उछाल और सीम का सामना किया और टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। इसलिए उनका कैच छूटना नुकसानदायक साबित हुए और फिर हसरंगा ने ऋतुराज को बेहतरीन गेंदबाजी की। मैच के शायद ये तीन बेहतरीन पल रहे।'

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