पिकनिक मनाने गए दो एसईसीएल अधिकारियों की डूबने से मौत

मनेन्द्रगढ़

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में अमृत धारा जलप्रपात में डूबने से दो एसईसीएल अधिकारियों की मौत हो गई। पिकनिक मनाने कुल 8 लोग वाटरफाल गए थे। जिनमें एसईसीएल हसदेव क्षेत्र के अंडरग्राउंड माइंस के दो अधिकारियों समेत 3 लोग गहरे पानी चले गए थे। एक कर्मचारी किसी तरह बाहर निकल आया। घटना पोड़ी थाना इलाके के नागपुर चौकी क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, मरने वालों की पहचान शुभम मलार निवासी शहडोल और पृथ्वी सेटी निवासी तेलंगाना के रूप में हुई है। दोनों एसईसीएलके अंडर मैनेजर के पद पर पदस्थ थे। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए मनेंद्रगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है।

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जानिए क्या है पूरा मामला

दरअसल, एसईसीएल चिरमिरी में पदस्थ अधिकारियों समेत 8 लोग मंगलवार पिकनिक मनाने के लिए अमृतधारा वाटरफाल गए थे। वे शाम करीब 4 बजे जलप्रपात के नीचे हसदेव नदी में नहा रहे थे। इस दौरान नहाने समय 3 कर्मचारी गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। एक कर्मचारी किसी तरह निकलने में सफल रहा।

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दो घंटे की मशक्कत के बाद निकाला गया शव

घटना की जानकारी मिलने पर चौकी प्रभारी शेष नारायण सिंह की टीम और एसईसीएल की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची।
शुभम मलार और पृथ्वी सेटी को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।

प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित है इलाका

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बता दें कि, अमृतधारा जल प्रपात में नीचे जाकर नहाना प्रतिबंधित है। प्रशासन ने हादसों के कारण अमृतधारा जल प्रपात के कुछ इलाकों को प्रतिबंधित घोषित कर दिया है।
यहां सावधानी के बोर्ड भी लगाए गए हैं लेकिन नियमित निगरानी नहीं की जाती है। ऐसे में यहां आने वाले लोग मनमाने तरीके से पानी में उतरकर नहाते हैं।

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