अमित शाह ने अपने दो दिवसीय महाराष्ट्र दौरे के दौरान प्रदेश की राजनीतिक हलचलों को एक नई दिशा दी

मुंबई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने दो दिवसीय महाराष्ट्र दौरे के दौरान एनसीपी के वरिष्ठ सांसद और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे के निवास पर दोपहर का भोजन किया। इस मुलाकात ने प्रदेश की राजनीतिक हलचलों को एक नई दिशा दे दी है, खासकर जब बीजेपी, शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी के बीच अहम मंत्रालयों को लेकर खींचतान चल रही है।

यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब रायगढ़ और नाशिक जिलों में संरक्षक मंत्री (Guardian Minister) पद को लेकर सहयोगी दलों में तनाव बना हुआ है। इस साल की शुरुआत में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाशिक और रायगढ़ के लिए बीजेपी के गिरीश महाजन और एनसीपी की अदिति तटकरे (सुनील तटकरे की बेटी) को संरक्षक मंत्री नियुक्त किया था, लेकिन 24 घंटे के भीतर ही यह आदेश रद्द कर दिए गए।

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जिले पर दावेदारी
शिवसेना का दावा है कि रायगढ़ जिले में उसके विधायक अधिक हैं, इसलिए उसे वहां संरक्षक मंत्री पद मिलना चाहिए। साथ ही, पार्टी नाशिक के लिए भी अपने प्रतिनिधि की मांग कर रही है। दूसरी ओर, एनसीपी अपने पक्ष पर कायम है, जिससे गठबंधन के भीतर शक्ति संघर्ष की स्थिति बन गई है।

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शाह की चुपचाप राजनीतिक चाल?
सुनील तटकरे के घर अमित शाह का भोजन केवल औपचारिकता नहीं माना जा रहा है, बल्कि गठबंधन की अंदरूनी राजनीति को सुलझाने या नए समीकरण बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। ऐसे समय पर शाह की यह मुलाकात साफ संकेत देती है कि बीजेपी संभावित असंतुलन को संतुलित करने की कोशिश में जुटी है।

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