प्रदीप मिश्रा ने आधुनिक समाज की जीवनशैली पर व्यक्त की चिंता

जयपुर

जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में चल रही सात दिवसीय शिवमहापुराण कथा के दूसरे दिन प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने समाज और संस्कृति से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने महिलाओं के पहनावे, संस्कार, बच्चों की परवरिश और चिकित्सा उपायों को लेकर कई टिप्पणियाँ कीं।

तुलसी और लड़कियों की नाभि की तुलना
प्रदीप मिश्रा ने तुलसी के पौधे की तुलना लड़कियों के शरीर से करते हुए कहा कि अगर, तुलसी के पौधे की जड़ दिखने लगे तो वह पौधा मर जाता है। वैसे ही लड़कियों की नाभि भी शरीर की जड़ है। उसे वस्त्र से ढककर रखना चाहिए। जितना ढका रहेगा, उतनी सुरक्षा बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक पहनावे के कारण अपराध बढ़ रहे हैं और कोई भी सरकार या प्रशासन इन अपराधों को नहीं रोक सकता, केवल घर के संस्कार ही उन्हें रोक सकते हैं।

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सीधे बुढ़ापे की ओर बढ़ रहे बच्चे
प्रदीप मिश्रा ने आधुनिक समाज की जीवनशैली पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पहले जीवन में चार अवस्थाएं होती थीं- बचपन, जवानी, अधेड़ावस्था और बुढ़ापा। लेकिन, अब केवल दो ही रह गई हैं-बचपन और बुढ़ापा। उन्होंने कहा कि बच्चे मोबाइल का उपयोग करते-करते बचपन में ही जवानी की गतिविधियां करने लगते हैं, जिससे वे सीधे बुढ़ापे की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने माता-पिता से अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने की अपील की और कहा कि 20 साल की मेहनत को 20 मिनट की कुसंगति खत्म कर सकती है।

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दो प्रमुख समस्याएं
पंडित मिश्रा ने चंचला देवी का उदाहरण देते हुए स्त्रियों को संयमित पहनावे की सीख दी। उन्होंने कहा कि चंचला देवी अपने पति को गलत विचारों और गलत स्थानों से दूर रहने की सलाह देती थीं। आज भारत की हर स्त्री को यह सीख देनी चाहिए। आज की दो प्रमुख समस्याएं भोजन और पहनावा हैं, इनमें संतुलन की आवश्यकता है।

गांठ की समस्या के लिए आध्यात्मिक उपाय
प्रदीप मिश्राा ने चिकित्सा से जुड़ा एक आध्यात्मिक सुझाव देते हुए कहा कि शरीर में अगर गांठ बन जाए तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें। लेकिन, साथ ही बिल्वपत्र भी खिलाएं। उन्होंने डॉक्टरों को भगवान शिव का स्वरूप बताया और कहा कि आध्यात्मिक उपाय और चिकित्सा दोनों का संतुलन जरूरी है।

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राजनीतिक हस्तियों की उपस्थिति
कथा के दूसरे दिन राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा, मालवीय नगर के विधायक कालीचरण सर्राफ और सहकारिता मंत्री गौतम दक मौजूद रहे। दीया कुमारी ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मेरे विधानसभा क्षेत्र में प्रदीप मिश्रा जी कथा कर रहे हैं। इससे क्षेत्र के लोगों को धर्म और आस्था से जुड़ने का सुनहरा अवसर मिल रहा है।

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