भारतमाला प्रोजेक्ट का विरोध, उचित मुआवजे की किसान कर रहे मांग

दुर्ग

जिले में भारतमाला प्रोजेक्ट को लेकर विरोध शुरू हो गया है। आज हनोदा सहित 5 गांवों के 200 से अधिक किसानों ने भारतमाला प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य को रुकवाकर प्रदर्शन किया और भूमि का उचिव मुआवजा देने की मांग की। साथ ही अधिकारियों पर मुआवजा वितरण में भ्रष्ट्राचार के आरोप भी लगाए. लगभग 3 घंटे के प्रदर्शन के बाद विरोध कर रहे 17 किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

दरअसल भारतमाला परियोजना के अंतर्गत अधिकृत किए गए भूमि के किसानों की मांग है कि उनकी भूमि का उचित मुआवजा उन्हें दिया जाए। उनका कहना है कि बड़ी जमीनों को हेक्टेयर और छोटी जमीनों को एकड़ के अनुसार मुआवजा दिया गया है. छोटी भूमि को वर्गफीट के अनुसार मुआवजा दिया गया है, जिनसे उन्हें कई गुना नुकसान हो रहा है।

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किसानों का कहना है कि जब उन्होंने भूमि खरीदी तब उसका बाजार मूल्य कुछ और था, लेकिन आज उन्हें उनकी भूमि का 10 प्रतिशत मुआवजा ही मिल पा रहा है। एक भू-स्वामी ने बताया कि उन्होंने 15 साल पहले जो भूमि खरीदी थी उसका आधा पैसा भी मुआवजे में उन्हें नहीं मिल पा रहा है। भारतमाला परियोजना में किसानों को दिए जा रहे मुआवजे को लेकर कई किसानों ने कोर्ट में याचिका दायर की है. किसानों ने मांग की है कि उन्हें उनका उचित मुआवजा दिया जाए। मुआवजा वितरण को लेकर अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी किसानों ने लगाए हैं.

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बता दें कि भारतमाला प्रोजेक्ट में दुर्ग जिले के दुर्ग और पाटन ब्लाक के किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है। भारतमाला परियोजना में मुआवजा वितरण का निर्धारण करने का अधिकार एसडीएम को था। उस दौरान मुकेश रावटे दुर्ग एसडीएम थे, जिनके यहां भी एसीबी की टीम ने छापा मारकर छानबीन की थी।

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