राष्ट्र निर्माण में मसीही समाज की भूमिका – एक भावनात्मक समर्पण

रायपुर

सलेम इंग्लिश स्कूल, रायपुर में दिनांक 5 जून 2025 को एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण का साक्षी बना, जब छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन (CDBE) के अंतर्गत निर्मित नवीन मंच को 'लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर मंच' के नाम से समर्पित किया गया।

इस समर्पण समारोह का नेतृत्व किया द राइट रेव. सुषमा कुमार, बिशप एवं चेयरपर्सन, डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ CNI द्वारा। उनके कर-कमलों से इस मंच को राष्ट्र सेवा, नारी सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय के प्रतीक देवी अहिल्याबाई होलकर को समर्पित किया गया। यह एक ऐसा क्षण था जिसमें ईश्वर की महिमा और मानवता की सेवा का अद्भुत संगम हुआ।

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इस कार्यक्रम का आयोजन एवं निर्देशन चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया के जनसंपर्क निदेशक श्री प्रांजय मसीह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिन्होंने इस पूरे आयोजन को राष्ट्रहित और समाज जागरण की दिशा में एक प्रभावशाली पहल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

समारोह में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:

श्री नितिन लॉरेंस, सचिव, छत्तीसगढ़ डायोसिस एवं उपाध्यक्ष, CDBE

श्री जयदीप रॉबिन्सन, कोषाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ डायोसिस एवं सचिव, CDBE

श्री प्रविण मसीह, कोषाध्यक्ष, CDBE

श्रीमती रूपिका लॉरेंस, प्रधानाचार्य, सलेम इंग्लिश स्कूल, रायपुर

इसके साथ ही रेव समीर फ्रैंकलिन, Rev. Subodh Kumar, Rev. Aseem Prakash Vikram, Rev. Hemant Timothy, Rev. Shailesh Solomon एवं Rev. Samendu अधिकारी,रेव सुनील कुमार, रेव निर्मल कुमार, भाई जॉन राजेश पॉल अध्यक्ष पास्टरत कोर्ट, डिकॉन मांशीष केजू, डिकॉन जीवनमसीह, डिकॉन ऐश्वर्या, सहित सलेम इंग्लिश school के स्टॉफ,CDBE के सभी सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

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"छोटा ही सही, पर राष्ट्र के लिए कुछ करने का जज़्बा ही हमें महान बनाता है" – इस भावना को जीवंत करते हुए यह मंच न केवल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का केंद्र बनेगा, बल्कि मसीही समाज की राष्ट्र निर्माण में निःस्वार्थ सेवा भावना को भी उजागर करेगा।

इस अवसर पर श्री नितिन लॉरेंस ने कहा, "हमारा मसीही समाज भले ही मंच पर कम दिखता हो, परंतु राष्ट्रहित में हमारी आस्था, शिक्षा और सेवा का योगदान आज भी जीवित है। यह समर्पण एक प्रतीक है – एक आह्वान है – कि हम भी राष्ट्र के निर्माण में सहभागी हैं।"

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यह पहल नारी सम्मान, ऐतिहासिक विरासत और शिक्षा के प्रति मसीही समाज की प्रतिबद्धता को समर्पित एक सुंदर और प्रेरक उदाहरण बन गई।

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