एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस के प्रकरणों में मौसमी वृद्धि के दृष्टिगत सतर्कता बरतने व हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर तैयारी के निर्देश

भोपाल
प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव ने एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस के प्रकरणों में मौसमी वृद्धि के दृष्टिगत प्रदेश के समस्त जिलों के कलेक्टर, डीन मेडिकल कॉलेज, सीएमएचओ और सिविल सर्जन को इन्पेशेंट केयर इंस्टिट्यूशन्स की तैयारी की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। ज़ारी आदेश में यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि सभी डायग्नॉस्टिक फैसिलिटीज़, आवश्यक दवाएं, पीपीई किट्स, आईसोलेशन बेड्स, मेडिकल ऑक्सीजन, आईसीयू तथा वेंटिलेटर सपोर्टेड बेड्स की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। साथ ही पीएसए प्लांट्स की कार्यशीलता सुनिश्चित करने के लिए मॉक ड्रिल्स कराई जाए।

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कोविड-19 की रोकथाम के मॉडिफाइड सर्विलांस स्ट्रैटेजी अनुसार एसएआरआई मामलों और न्यूनतम 5% आईएलआई मामलों के सैम्पल्स की टेस्टिंग की जाए। कोविड पॉज़िटिव पाए गए एसएआरआई पेशेंट्स के सैम्पल्स को होल जीनोमिक सीक्वेंसिंग के लिए क्षेत्रीय वीआरडीएल सेंटर्स को भेजे जाने के निर्देश हैं। जिला स्तर पर कार्यरत डिस्ट्रिक्ट सर्विलांस यूनिट्स को अपने क्षेत्रों में आईएलआई / एसएआरआई ट्रेंड्स पर करीबी निगरानी रखने और एसएआरआई केस रेश्यो की नियमित मॉनिटरिंग करने के लिए कहा गया है। निर्देश दिए गए हैं कि सभी कोविड-19 संबंधित डेटा, जिसमें को-मॉर्बिडिटीज़ की जानकारी भी सम्मिलित हो, आईडीएसपी-आईएचआईपी पोर्टल पर नियमित रूप से दर्ज किया जाए। सभी सूचनाएं स्टेट सर्विलांस यूनिट को भेजी जाएं और सार्थक पोर्टल पर भी अपलोड किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

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सामुदायिक स्तर पर कोविड उपयुक्त व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता गतिविधियों के संचालन के निर्देश दिए गए हैं। इसमें हाथ धोने की आदत, रेस्पिरेटरी हाइजीन, खाँसते/छींकते समय मुँह ढकना, सार्वजनिक स्थानों पर न थूकना आदि व्यवहार शामिल हों। वरिष्ठ-जन, को-मॉर्बिड एवं इम्यूनो-कम्प्रोमाइज़्ड व्यक्तियों को कम हवादार या भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से बचने और ऐसे क्षेत्रों में फेस मास्क्स का प्रयोग करने के लिए कहा गया है। तीव्र श्वसन संक्रमण के लक्षण वाले लोगों को अपने स्वास्थ्य की सेल्फ-मॉनिटरिंग करने और यदि उन्हें सांस लेने में तकलीफ़, सीने में दर्द या अन्य गंभीर लक्षण हों तो निकटतम हेल्थ फैसिलिटी से तुरंत संपर्क करने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।

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