अर्थराइटिस के दर्द से पाना है छुटकारा तो महिलाओं को करने चाहिए ये 9 काम, फिट हो जाएंगे घुटने

आज अधिकांश बीमारियों की जड़ हमारा लाइफस्टाइल है। जिसमें अर्थराइटिस की समस्या भी शामिल है। अर्थराइटिस जोड़ों से जुड़ी बीमारी है, जिसमें जोड़ों में दर्द के साथ सूजन आने लगती है। लंबे समय तक जब हम इस दर्द को इग्नोर कर देते हैं तो ये गंभीर बीमारी यानी अर्थराइटिस का रूप ले लेती है। जिससे कई बार हम अपने डेली टास्क को करने में भी असमर्थ हो जाते हैं।

पहले इस बीमारी को सिर्फ उम्रदराज लोगों से ही जोड़ कर देखा जाता था। लेकिन अब बच्चे, बड़े सब इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। जिसका पीछे शारीरिक गतिविधियों में कमी मुख्य वजह है। ऐसे में जोड़ों के दर्द से निजात पाने के लिए शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाने की जरूरत है। इस संबंध में सर्टिफाइड योगा इंस्ट्रक्टर प्रियंका आर्या द्वारा कुछ योग आसन बताए जा गए हैं, जिन्हें करके आप जोड़ों के दर्द से राहत पा सकती हैं।
ब्रीदिंग एक्सरसाइज

 इसके लिए सबसे पहले सुखासन मुद्रा में बैठें।
 फिर वायुमुद्रा बनाने के लिए दोनों हाथों की इंडेक्स फिंगर को अंगूठे के नीचे अच्छे से प्रेस करें।
 वहीं बाकी की उंगलियों को सीधे रखें।
 फिर कमर को सीधा रखकर ब्रीद इन व आउट करें।
 ध्यान दें ब्रीद इन के समय आपको अपने पेट को फुलाना है, वहीं ब्रीथ आउट करते वक्त आपको अपने पेट को अंदर की तरफ करना है।
 थोड़ी देर इसका अभ्यास करने के बाद धीरे धीरे अपनी आंखों को खोलें।

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क्लिकिंग

 सुखासन मुद्रा में बैठकर सबसे पहले हैंड क्लिकिंग करेंगे।
 इसके लिए हाथों को खोलें व बंद करें।
 फिर ब्रीद इन करते हुए हाथों को खोलना है और ब्रीद आउट करते हुए हाथों को बंद करना है।
 फिर अपने हाथों को धीरे से नीचे रखें।

रिस्ट बैंडिंग

 इस आसान में हमें सबसे पहले अपने हाथों को आगे करना है।
 फिर ब्रीद इन के समय कलाई को नीचे की तरफ करना है और ब्रीद आउट के समय कलाई को ऊपर की तरफ करें।
 फिर धीरे से अपने हाथों को नीचे रखें।

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रिस्ट रोटेशन

 इसके लिए आप अपने हाथों को आगे करके अंगूठे को अंदर बंद करके मुट्ठी बंद करें।
 अब हमें इन्हें पांच बार क्लॉक वाइज घुमाना है।
 फिर इसे एंटी क्लॉक वाइज करते हुए पांच बार और दोहराएंगे।
 फिर हाथों को नीचे रखकर आराम देंगे।

एल्बो बैंडिंग

 सबसे पहले दोनों हाथों को आगे रखें।
 फिर हथेली को फेस की तरफ करके ब्रीदिंग के साथ एक बार एल्बो को बंद करें।
 फिर ब्रीदिंग के साथ एक बार खोलें।
 इसे पांच बार दोहराएं।
 फिर हाथों को नीचे रखें।

स्ट्रेचिंग

 इसमें हम अपने दोनों हाथों को पहले साइड में रखेंगे।
 फिर धीरे-धीरे ऊपर की तरफ लेकर जाएंगे।
 ऊपर की तरफ हाथों को खींचकर ब्रीद इन व आउट करें।
 ऐसा पांच बार करें और फिर हाथों को नीचे लाकर रिलैक्स करें।

एंकल रोटेशन

 इसमें दोनों पैरों को सामने की तरफ फैला लें।
 फिर पंजों को पांच बार क्लॉक वाइज घुमाना है।
 फिर इन्हें पांच बार एंटी क्लॉक वाइज घुमाएं।
 अंत में पैरों को रिलैक्स करें।

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हॉफ बटरफ्लाई

 इसमें आप अपने दाएं पैर को मोड़ कर बाएं जांघ पर रखें।
 इस पोजिशन में आपकी दाईं एड़ी कमर के पास होनी चाहिए।
 बाएं हाथ से दाएं पंजे को पकड़े और दाएं हाथ से दाईं जांघ को नीचे की तरफ धक्का दें।
 फिर घुटने को थोड़ा सा नीचे की ओर होल्ड करें।
 कुछ सेकेंड बाद घुटने को नॉर्मल पोजीशन में ले आएं और दूसरे पैर के साथ यही प्रक्रिया दोहराएं।

नी रेज

 इसके लिए सबसे पहले सीधे लेट कर अपने एक पैर के घुटने को मोड़ें।
 इस दौरान आपके मुड़े पैर की एड़ी कूल्हे के पास आ जाएगी।
 फिर आप स्ट्रेप या दुपट्टा लेकर उसे घुटने के पास रखें।
 दुपट्टे से खींचकर घुटने को पेट की तरफ लाएं।
 फिर धीरे-धीरे नीचे ले जाएं और दूसरे पैर से भी ऐसा करें।

 

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