इंडिया वर्सेस इंग्लैंड 5 मैच की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाना है

नई दिल्ली 
इंडिया वर्सेस इंग्लैंड 5 मैच की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाना है। सीरीज का पहला मैच हारकर यहां पहुंची टीम इंडिया की नजरें इस मैच को जीतकर बराबरी करने पर होगी। हालांकि उनके लिए ऐसा करना आसान नहीं रहने वाला है। अगर शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम को सीरीज में 1-1 की बराबरी करनी है तो उन्हें एजबेस्टन के मैदान पर इतिहास रचना होगा। भारत ने 1967 में यहां पहला टेस्ट मैच खेला था, तब से लेकर आज तक टीम इंडिया यहां एक भी मैच नहीं जीत पाई है। जी हां, 58 सालों से इस मैदान पर टीम इंडिया अपनी पहली जीत को तरस रही है।
 
एजबेस्टन में टीम इंडिया का रिकॉर्ड
बर्मिंघम के इस मैदान पर भारत ने पिछले 58 सालों में कुल 8 मैच खेले हैं जिसमें 7 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, वहीं एक मैच ड्रॉ रहा। यह ड्रॉ मैच भी टीम इंडिया ने 1986 में खेला था। बात 21वीं सदी में यहां टीम इंडिया के रिकॉर्ड की करें तो, 2001 के बाद से एजबेस्टन में भारत ने तीन मैच 2011, 2018 और 2022 में खेले हैं और तीनों हारे हैं। 2011 में भारत को पारी और 242 रनों से हार का सामना करना पड़ा था, वहीं 2018 और 22 में टीम इंडिया ने 31 रन और 7 विकेट से मैच गंवाया था। भारत यहां कुल तीन मैच पारी के अंतर से हार चुका है।

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गौतम गंभीर और शुभमन गिल कैसे लगाएंगे टीम इंडिया का बेड़ा पार
भारत को अगर एजबेस्टन टेस्ट जीतकर इतिहास रचना है तो रणनीति और प्लेइंग XI दोनों में बदलाव करने होंगे। जसप्रीत बुमराह का वर्कलोड के चलते दूसरा टेस्ट खेलना मुश्किल नजर आ रहा है। ऐसे में भारत का पेस अटैक काफी कमजोर हो जाएगा। एजबेस्टन में अभी तक गिरे 1656 में से 1185 विकेट तेज गेंदबाजों ने ही चटकाए हैं। ऐसे में गंभीर-गिल की जोड़ी यहां भी एक ही स्पिनर के साथ उतरेगी। बुमराह की जगह अर्शदीप के प्लेइंग XI में आने के अधिक चांसेस है, मगर मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा को अब जिम्मेदारी उठानी होगी।

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वहीं टीम के निचले क्रम के बल्लेबाजों को भी रन बनाने होंगे। लीड्स में पहली पारी में भारत ने 41 रन पर 7 विकेट तो दूसरी पारी में 31 रन पर 6 विकेट गंवाए। यही टीम इंडिया की हार की वजह में से एक थी। बैटिंग मजबूत करने के लिए शार्दुल ठाकुर की जगह नीतीश कुमार रेड्डी को मौका दिया जा सकता है।

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