असम में 128 साल पुरानी मस्जिद को हटाया गया, फिर भी नहीं हुआ कोई बवाल – जानिए वजह

डिब्रूगढ़ 
असम के डिब्रूगढ़ शहर में जल निकासी व्यवस्था के निर्माण के लिए 128 साल पुरानी चौलखोवा जामा मस्जिद को गिराई गई। डिब्रूगढ़ नगर निगम बोर्ड के आयुक्त जय विकास ने कहा कि शहर में जलभराव की समस्या को हल करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला प्रशासन ने बोकुल से सेसा ब्रिज तक जल निकासी प्रणाली के निर्माण के लिए सोमवार को मस्जिद को ध्वस्त कर दिया।

ये भी पढ़ें :  भारत में लॉन्च हुई Porsche Cayenne Electric: कीमत और दमदार फीचर्स जानें

डिब्रूगढ़ नगर निगम बोर्ड के आयुक्त जय विकास ने कहा कि विध्वंस में भूमि अधिग्रहण सहित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया तथा अधिग्रहित भूमि के लिए मुआवजा देने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि विध्वंस के बाद एक वर्ग इंटरनेट मीडिया पर गलत सूचना फैला रहा है कि मस्जिद को जिला प्रशासन ने जबरन गिरा दिया है। हालांकि, ऐसा नहीं है। समुदाय ने हमारा समर्थन किया है।

ये भी पढ़ें :  मुंबई से न्यूयॉर्क जाने वाले एयर इंडिया के विमान में आज बम की धमकी के चलते दिल्ली की ओर डायवर्ट किया

चौलखोवा जमात कमेटी के अध्यक्ष लियाकत अली ने कहा कि मस्जिद को खाली नहीं किया गया, बल्कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के बाद आपसी सहमति के आधार पर ध्वस्त किया गया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय शहर के व्यापक हित में लिया गया है, क्योंकि जलभराव से लोग परेशान हैं। आयुक्त ने सहयोग के लिए स्थानीय जनता का आभार व्यक्त किया है।

ये भी पढ़ें :  सुमित अंतिल ने पैरालंपिक रिकॉर्ड के साथ जीता गोल्ड, इतनी दूर फेंका भाला

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment