पूर्व विधायक सोना बाई के दिव्यांग पति सेवकराम अहिरवार ने गुजारा भत्ता मांगा

 पथरिया 

एमपी के जिले में एक अनोखा मामला सामने आया है। पथरिया से BJP की पूर्व MLA सोना बाई के दिव्यांग पति सेवकराम अहिरवार ने उनसे गुजारा भत्ता मांगा है। सेवकराम ने कुटुंब न्यायालय में अर्जी दाखिल कर पत्नी की पेंशन से 25 हजार रुपए प्रतिमाह की मांग की है। उनका कहना है कि 2016 में दुर्घटना में पैर खराब होने के बाद वे दिव्यांग हो गए और अब मजदूरी करने में भी असमर्थ हैं। सेवकराम का आरोप है कि सोना बाई ने उन्हें अपमानित किया और बाद में छोड़ दिया, क्योंकि उन्हें उनके साथ रहने में शर्म आती थी।

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1993 में हुई थी शादी
सेवकराम अहिरवार और सोना बाई की शादी 1993 में हुई थी। सेवकराम ने बताया कि 2003 में सोना बाई ने राजनीति में आने की इच्छा जताई। उनके सहयोग से सोना बाई 2003 में से BJP के टिकट पर चुनाव जीतीं और 2008 तक MLA रहीं। सेवकराम के अनुसार, पत्नी के MLA रहते सब ठीक था, लेकिन 2009 में सोना बाई ने उन्हें अपमानित करना शुरू कर दिया और कुछ समय बाद छोड़ दिया। हालांकि, दोनों का तलाक नहीं हुआ है।

2016 में एक पैर खराब हो गया
सेवकराम ने बताया कि 2016 में एक दुर्घटना में उनका एक पैर खराब हो गया। अब वे दिव्यांग हैं और मजदूरी भी नहीं कर सकते। इसलिए उन्होंने पत्नी से गुजारा भत्ता मांगा है। सेवकराम के वकील नितिन मिश्रा ने बताया कि दिव्यांग होने के कारण सेवकराम को भरण पोषण की आवश्यकता है।

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कोर्ट से नोटिस मिलने पर देंगे जवाब
इस मामले पर सोना बाई का कहना है कि वे कोर्ट से नोटिस मिलने पर ही जवाब देंगी। सोना बाई और सेवकराम के तीन बच्चे हैं। सौरव, नीरज और प्रवीण. तीनों बच्चे अपनी मां सोना बाई के साथ रहते हैं। उनका एक बेटा डॉक्टर है और मकरोनिया के सरकारी अस्पताल में कार्यरत है। सोना बाई अभी भी BJP में हैं, लेकिन उनके पास कोई पद नहीं है।

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पहले सेवकराम करते थे ठेकेदारी
पहले सेवकराम ठेकेदारी करते थे, लेकिन स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्होंने यह काम बंद कर दिया। उनका कहना है कि पत्नी के MLA बनने के बाद उनके व्यवहार में बदलाव आया। बड़े-बड़े नेताओं से संपर्क होने के कारण उनमें गुरूर आ गया। सेवकराम का आरोप है कि सोना बाई को उनके साथ रहने में शर्मिंदगी महसूस होती थी।

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