उत्तराखंड के चमोली में कांपी धरती, 3.3 तीव्रता का आया भूकंप

चमोली

सुबह की शांति को तोड़ते हुए उत्तराखंड के चमोली जिले में आज तड़के सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 3.3 थी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, यह भूकंप रात 12:02:44 बजे महसूस किया गया। भूकंप का केंद्र चमोली से 22 किलोमीटर दूर जोशीमठ के पास बताया जा रहा है। भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई पर था।

हाल के दिनों में भूकंप की लगातार सक्रियता

यह पहली बार नहीं है जब उत्तराखंड में प्रकृति ने अपनी ताकत दिखाई हो। हाल ही में, 8 जुलाई को उत्तरकाशी जिले में 3.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। यह कंपन दोपहर 1:07 बजे 5 किलोमीटर की गहराई पर महसूस हुआ था।

ये भी पढ़ें :  सभी के लिए अवसर पैदा करने की भी चुनौती है: सीतारमण

चमोली में आए इस नवीनतम भूकंप ने लोगों को एक बार फिर सतर्क कर दिया है। हालांकि, अभी तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में ऐसी घटनाओं पर नजर रखना जरूरी है।

अफगानिस्तान में फिर कांपी धरती, 4.6 तीव्रता का भूकंप

अफगानिस्तान में शनिवार को भूकंप दो जबरदस्त झटके महसूस किए गए। इाके अलावा म्यांमार में भी भूकंप के झटकों से लोग दहशत में आ गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के एक बयान में कहा गया है कि शनिवार को अफगानिस्तान में दो भूकंप के झटके महसूस किए गए।

ताजा भूकंप रिक्टर पैमाने पर 4.0 तीव्रता का था। देर रात 2.11 बजे आए भूकंप का केंद्र जमीन से 125 किमी गहराई में था। इससे पहले अफगानिस्तान में रिक्टर पैमाने पर 4.2 तीव्रता का भूकंप आया था। राम 01.26 बजे आए भूकंप का केंद्र जमीन से 190 किमी गहराई में था।

ये भी पढ़ें :  TV Price Hike: जनवरी से टीवी होंगे महंगे, एलईडी और स्मार्ट टीवी की कीमतों में 3-4% का इजाफा

इससे पहले राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के एक बयान में कहा गया था कि शुक्रवार देर रात अफगानिस्तान में 4.6 तीव्रता का भूकंप आया। 17 जुलाई को भी रिक्टर पैमाने पर 4.7 तीव्रता का भूकंप आया था। अफगानिस्तान में शक्तिशाली भूकंपों का इतिहास रहा है। रेड क्रॉस के अनुसार, हिंदू कुश पर्वत श्रृंखला एक भूगर्भीय रूप से सक्रिय क्षेत्र है, जहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं।

म्यांमार में 3.7 तीव्रता का भूकंप
एनसीएस के मुताबिक, शनिवार को म्यांमार में भी 3.7 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप 105 किलोमीटर की गहराई में आया। सुबह 03.26 बजे भूकंप के बाद लोग दहशत में आ गए और घरों से बाहर निकल आए। इससे पहले शुक्रवार को म्यांमार में 4.8 तीव्रता का भूकंप आया था। 17 जुलाई को भी 80 किमी की गहराई में भूकंप आया था।

ये भी पढ़ें :  घाटी में कांपी धरती, महसूस किए गए भूकंप के झटके, दफ्तर से बाहर निकल आए लोग

यूरेशियन और इंडो-ऑस्ट्रेलियाई प्लेटों के बीच टकराव की वजह से म्यांमार एक उच्च भूकंपीय खतरे वाला क्षेत्र है। अंतरराष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की ओर से संक्षेपित भूकंप मापदंडों के अनुसार, 1990 से 2019 तक म्यांमार और उसके आसपास के क्षेत्रों में हर साल 3.0 से अधिक या उसके बराबर तीव्रता वाली लगभग 140 घटनाएं घटी हैं।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment