RSS नेता राम माधव का पलटवार – आसिम मुनीर की परमाणु धमकी पर कड़ा जवाब, ट्रंप पर भी साधा निशाना

नई दिल्ली 
वरिष्ठ आरएसएस नेता राम माधव ने कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने पाकिस्तान आर्मी चीफ आसीम मुनीर की परमाणु धमकी से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों तक पर खुलकर अपनी राय रखी.  राम माधव ने साफ कहा कि भारत को कोई भी परमाणु धमकी डरा नहीं सकता. उन्होंने कहा कि हमें ट्रंप की शैली को समझना चाहिए, जैसे उन्होंने उत्तर कोरिया से संवाद किया था. इसी तरह भारत भी अपने हितों को ध्यान में रखते हुए दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है.
 
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में RSS का जिक्र किया था. इस पर राम माधव ने कहा, "हम सभी आरएसएस कार्यकर्ता खुश हुए, लेकिन केवल हम ही नहीं बल्कि संगठन का समर्थन करने वाले अन्य लोग भी संतुष्ट हुए." उन्होंने बताया कि कुछ लोगों को यह पसंद नहीं आया. उन्होंने कहा कि अक्टूबर से RSS अपना 100वां वर्ष शुरू करने जा रहा है और बीते 100 सालों में यह संगठन लगातार मजबूत हुआ है.

ये भी पढ़ें :  इमरजेंसी पर RSS का पुराना पत्र आया सामने, कांग्रेस का तीखा पलटवार

भारत-अमेरिका संबंध और ट्रंप की नीति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाने के मुद्दे पर भी राम माधव ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, "ट्रंप एक ट्रांजेक्शनलिस्ट हैं. ट्रांजेक्शनलिस्ट का मतलब एक ऐसे शख्स से है जो बड़े गठबंधनों या साझा मूल्यों के बजाय किली विशेष, द्विपक्षीय संबंधों और सौदों पर फोकस करते हैं. राम माधव का कहना है कि ट्रंप का उद्देश्य केवल अपने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है." राम माधव ने यह भी कहा कि भारत इस चुनौती से निपटने में असफल नहीं रहा है. उन्होंने बताया कि भारत कई कदम उठा रहा है और हर निर्णय राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर ही लिया जा रहा है.

ये भी पढ़ें :  मुख्यमंत्री बघेल ने ई-लाईब्रेरी का किया उद्घाटन, 33 ज़िलों के 27 हजार विद्यार्थियों को ऑनलाईन उपलब्ध होंगी किताबें

राम माधव ने कांग्रेस पर लगाए आरोप
राम माधव ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कई सालों से कांग्रेस राजनीतिक कारणों से RSS का विरोध करती आई है. उनका मानना है कि कांग्रेस और कुछ अन्य लोग सार्वजनिक रूप से RSS का विरोध करके राजनीतिक लाभ उठाना चाहते हैं, लेकिन आरएसएस उन सभी का विरोध करता है जो देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ खड़े होते हैं.

ये भी पढ़ें :  मणिपुर में सुलह का पहला कदम, 2 मैतेई बंधकों को छुड़ाने के लिए जेल से रिहा किए गए 11 कूकी उग्रवादी

BJP और RSS के रिश्ते
अक्सर उठने वाले सवाल पर कि क्या BJP और RSS में कोई मतभेद है, राम माधव ने स्पष्ट किया कि दोनों संगठन एक ही वैचारिक परिवार से जुड़े हैं. BJP राजनीतिक काम करती है, जबकि RSS समाज में लोगों के बीच काम करता है. इसलिए दोनों के बीच किसी तरह का टकराव या मतभेद नहीं है.

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment