इंदौर सराफा चौपाटी लगाने को लेकर विवाद जारी, आज महापौर से मिलकर अपनी बात रखेंगे व्यापारी

इंदौर
 सराफा चाट-चौपाटी को लेकर तकरार जारी है। सराफा व्यापारी चौपाटी को पूरी तरह से हटाने पर अड़े हुए हैं, जबकि जनप्रतिनिधि परंपरागत दुकानों के साथ चौपाटी जारी रखने की बात कह रहे हैं। सोमवार को सराफा व्यापारी (Indore Sarafa Market) इस संबंध में महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मिलेंगे। चर्चा में सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अलावा बाजार के वरिष्ठ व्यापारी भी शामिल रहेंगे।

व्यापारियों का कहना है कि महापौर सराफा चौपाटी (Indore Sarafa Bazar) को इंदौर की पहचान बता रहे हैं तो सराफा का सोना-चांदी व्यापार भी पूरे देश में अपनी पहचान रखता है। यह एक धरोहर है। चौपाटी के लिए सराफा के व्यापार का नुकसान नहीं होना चाहिए। व्यापारियों का कहना है कि वे महापौर से सोमवार दोपहर मिलेंगे। चर्चा में निकले निष्कर्ष के बाद आगे की योजना बनाई जाएगी।

ये भी पढ़ें :  कोरावल विकास मंच संगठन के कार्यालय का हुआ उद्धघाटन

महापौर किसी एक पक्ष के नहीं पूरे शहर के हैं। सराफा व्यापारियों का कहना है कि चौपाटी की वजह से सराफा की मूल पहचान गुम हो गई है। महापौर सराफा चौपाटी जारी रखने की बात कह रहे हैं। उन्हें समझना चाहिए कि वे किसी एक पक्ष के नहीं बल्कि पूरे शहर के महापौर हैं। उन्हें दोनों पक्षों को समान महत्व देते हुए विचार करना चाहिए।

ये भी पढ़ें :  प्रधानमंत्री मोदी के नशामुक्त भारत अभियान को सफल बना रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

यह है विवाद

13 फरवरी 2024 को हरदा जिला स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हो गया था। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी। हादसे के बाद इंदौर की सराफा चौपाटी को लेकर भी सवाल उठने लगे। इस सराफा चौपाटी में कई दुकानदार हैं जो गैस सिलिंडर का इस्तेमाल करते हैं। शनिवार-रविवार को तो सराफा चौपाटी में पैदल चलने तक की जगह नहीं रहती।

ये भी पढ़ें :  दोबारा होगा उज्जैन जनपद पंचायत अध्यक्ष का चुनाव

सराफा के सोना-चांदी व्यापारी चौपाटी को अन्यत्र शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस चाट-चौपाटी की वजह से उनका सोने-चांदी का व्यापार प्रभावित हो रहा है। इधर जनप्रतिनिधियों का कहना है कि सराफा चौपाटी पूरे देश में इंदौर की पहचान है। इसे हटाया नहीं जा सकता।

Share

Leave a Comment