लखनऊ से सोनभद्र तक यूपी पुलिस में बंपर बदलाव: 79 दारोगाओं को मिली DSP की जिम्मेदारी

लखनऊ 
उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए 79 दारोगाओं (इंस्पेक्टर और आरआई) को पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर प्रोन्नत किया है। इस प्रोन्नति में 70 इंस्पेक्टर और 9 रिजर्व इंस्पेक्टर (आरआई) शामिल हैं। सभी अधिकारियों ने अब डिप्टी एसपी की जिम्मेदारी संभाल ली है। यह फैसला 29 अगस्त को हुई विभागीय प्रोन्नति समिति (DPC) की बैठक में लिया गया। हालांकि अभी ये सभी अधिकारी अपने वर्तमान स्थानों पर ही तैनात रहेंगे, लेकिन भविष्य में जरूरत के अनुसार उनका तबादला किया जा सकता है।

ये भी पढ़ें :  अमेठी के जगदीशपुर इलाके में बहन से छेड़खानी का विरोध पड़ा महंगा, भाई पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला

कौन-कौन अधिकारी हुए प्रोन्नत?
– विनोद कुमार दुबे – चुनार, मिर्जापुर
– विपिन कुमार – मुरादाबाद
– राकेश कुमार शर्मा – सुल्तानपुर
– भैया संतोष कुमार सिंह – सोनभद्र
– विकास राय – लखनऊ कमिश्नरेट
– सुनील कुमार सिंह – हमीरपुर

इनके अलावा, चंदौली, रामपुर, जौनपुर, कुशीनगर, हाथरस, मेरठ, बस्ती, कानपुर, गाजीपुर, लखनऊ मुख्यालय, सीतापुर, नोएडा, बुलंदशहर, अयोध्या, बलिया, भदोही, बरेली, सहारनपुर, बहराइच, और PAC व विशेष सुरक्षा वाहिनी (Special Security Force) के कई अधिकारी इस प्रोन्नति सूची में शामिल हैं।
 
पिछले 2 सालों में सबसे बड़ी प्रोन्नति प्रक्रिया
यह प्रोन्नति प्रक्रिया उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास में पिछले 2 सालों में डीएसपी पद पर हुई सबसे बड़ी पदोन्नति मानी जा रही है। इससे पहले, दो साल पहले 117 इंस्पेक्टरों को डीएसपी बनाया गया था। हाल ही में, 21 पीपीएस अधिकारियों को आईपीएस संवर्ग में भी प्रोन्नत किया गया है। यह सिलसिला पुलिस प्रशासन को अनुभव और नेतृत्व क्षमता से भरपूर बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।

ये भी पढ़ें :  राजा कोलंदर इंसानी खोपड़ी का सूप बनाकर पीता था, कई हत्याएं की, इस मामले में सीबीआई कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई

प्रोन्नति से क्या होगा असर?
इस फैसले से प्रदेश में पुलिस व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को नया नेतृत्व मिलेगा। अपराध नियंत्रण में अनुभवी अफसरों की भागीदारी बढ़ेगी। अधिकारियों को करियर में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। पुलिस महकमे में अनुशासन और संगठनात्मक मजबूती आएगी। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल सभी अधिकारी अपने वर्तमान तैनाती स्थल पर बने रहेंगे ताकि प्रशासनिक संतुलन बना रहे। लेकिन समय और जरूरत के अनुसार इनका तबादला भी किया जा सकता है।

ये भी पढ़ें :  सिंगापुर दौरे के पहले ही दिन मुख्यमंत्री योगी की बड़ी सफलता, यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप के साथ हुए 6,650 करोड़ रुपये के 3 एमओयू

 

Share

Leave a Comment