गैर इरादतन हत्या का फैसला: तीन दोषियों को 10-10 साल की सजा, 11-11 हजार रुपये का जुर्माना

अलीगढ़
आठ वर्ष पूर्व मारपीट के दौरान सिर में गंभीर चोट आने से हुई बुजुर्ग की मृत्यु में तीन दोषियों को 10-10 वर्ष की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र व जनपद न्यायाधीश संजय कुमार यादव की अदालत में तीनों को 11-11 हजार रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया है। जेल में बिताए गए समय को सजा की अवधि में समायोजित करने का भी आदेश दिया है। एक आरोपित किशोर का मामला जुवेनाइल कोर्ट में संचालित है।

ये भी पढ़ें :  प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत 20 अक्टूबर तक शुरू होगा कौशल प्रशिक्षण

अभियोजन अधिकारी केएम जौहरी के अनुसार जवां के गांव सुनाना निवासी प्रेम प्रकाश ने थाने में दी तहरीर में बताया था कि 19 मई 2017 की सुबह गांव के ही सोरन, मलखान, रोहित व एक आरोपित के नाबालिग बेटे ने उनके व उनके पिता रोशनलाल से मारपीट की। लाठी-डंडे व ईंट से हमला किया, जिससे दोनों के सिर में गंभीर चोटें आ गईं। रोशन लाल की रामघाट रोड स्थित निजी अस्पताल में शाम को उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।

ये भी पढ़ें :  ग्रीस के प्रधानमंत्री का PM मोदी को समर्थन, भारत-EU FTA पर हुई अहम बातचीत

पुलिस ने शुरू में मारपीट में मुकदमा पंजीकृत किया था। बाद में गैर इरादतन हत्या में तरमीम कर जांच शुरू कर दी। इस मामले में एक आरोपित बाल अपचारी होने की वजह से उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड में विचरण के लिए भेजी गई। एक नवंबर 2017 को तीन अन्य आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर फैसला सुनाया है।

ये भी पढ़ें :  त्योहारों और पुलिस भर्ती परीक्षा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री सख्त, कानून-व्यवस्था व व्यवस्थाओं पर विशेष सतर्कता के निर्देश

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment