NDA की सरकार बनी तो नीतीश कुमार नहीं होंगे CM – ओवैसी का बड़ा दावा

पटना 

बिहार चुनाव में अपनी पार्टी की किस्मत आजमाने के लिए एआईएमआईएम (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी भी कूद चुके हैं। कल उन्होंने सीमांचल में रैली का आगाज कर दिया। इस दौरान वह सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्षी दलों पर भी खूब बरसे। साथ ही उनके बीजेपी की बी टीम कहने पर भी पलटवार किया। ओवैसी ने एक इंटरव्यू के दौरान यह भी दावा किया है कि बिहार में अगर एनडीए गठबंधन की जीत होती है इसबार नीतीश कुमार की जगह भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री बनेगा।

ओवैसी ने कहा, 'बिहार में अगर एनडीए की सरकार बनी तो इसबार नीतीश कुमार नहीं, बल्कि भाजपा का सीएम होगा।'

जब उनसे पूछा गया कि आप भाजपा की बी टीम बनने का आरोप लगता है। आप मुस्लिम वोट काटने के लिए बिहार आए हैं। उन्होंने कहा कि यह महज आरोप है। लालू यादव के घर के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं के पहुंचने पर उन्होंने कहा कि दुश्मन भी आपके घर पर पहुंचता है तो उसे बिठाकर बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लालू यादव और तेजस्वी यादव को किस बात का डर है मुझे नहीं मालूम। मेरे दिल में कोई डर नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछली बार की तरह इस चुनाव में भी सीमांचल में जो भी दल रहेगा उनके हराएंगे।

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आपको बता दें कि 2020 के विधानसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी ने सीमांचल में पांच सीटों पर जीत हासिल कर लोगों को चौंका दिया था। यह राजद के लिए बड़ा झटका साबित हुआ था। हालांकि, बाद में चार विधायक आरजेडी में शामिल हो गए थे।

इससे पहले बिहार में भाजपा की मदद करने के आरोपों पर नाराजगी जताते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को कहा था कि आगामी विधानसभा चुनाव में अगर उनकी पार्टी को छह सीट दी जाती हैं तो वह विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ में शामिल हो जाएंगे। हैदराबाद से सांसद ओवैसी किशनगंज में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। किशनगंज उत्तर बिहार का एक ऐसा जिला है जहां की लगभग दो-तिहाई आबादी मुस्लिम है। यहीं से उन्होंने तीन दिवसीय ‘सीमांचल न्याय यात्रा’ की शुरुआत की।

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ओवैसी ने कहा, “मेरी पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को कई पत्र लिखे हैं। आखिरी पत्र में अनुरोध किया गया है कि विधानसभा की 243 सीटों में से एआईएमआईएम को छह सीटें दी जाएं।” उन्होंने कहा, “अब गेंद ‘इंडिया’ गठबंधन के पाले में है। हमने यह पहल इसलिए की ताकि हम पर भाजपा की मदद करने का आरोप न लगे। अगर गठबंधन की तरफ से उचित जवाब नहीं मिलता है तो यह साफ हो जाएगा कि वास्तव में भाजपा की मदद कौन कर रहा है।”

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