सीएम योगी का कड़ा संदेश: दारुल इस्लाम पर अंधविश्वास रखने वालों के लिए पहले है खतरा

श्रावस्ती
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली में बवाल करने वालों को एक बार फिर कड़ी चेतावनी दी है। श्रावस्ती में आयोजित एक जनसभा में शनिवार को सीएम योगी ने कहा कि हमने हर समुदाय, हर जाति के कल्याण के लिए काम किया। अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति सभी को सम्मान दिया। सबका साथ, सबका विकास हमारा मंत्र है। इसके बाद भी कुछ लोगों को विकास अच्छा नहीं लगता। वे तालिबानी व्यवस्था और दारुल इस्लाम में विश्वास करते हैं। मैं उन्हें कहता हूं, ऐसी व्यवस्था जन्नत में भी पूरी नहीं होगी, इसके लिए पहले जहन्नुम जाना पड़ेगा। सीएम योगी ने कहा कि आस्था के नाम पर तोड़फोड़, आगजनी और निर्दोष लोगों पर हमले करने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जो उनकी कई पीढ़ियों के लिए नजीर बन जाएगा। सीएम योगी नवरात्र के समय बरेली में बवाल और कई जिलों में आई लव मोहम्मद को लेकर निकाले जा रहे जुलूस को लेकर बेहद खफा नजर आए।

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मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह नए भारत का नया उत्तर प्रदेश है। यह सबका साथ और विकास जानता है, लेकिन उपद्रवियों और माफियाओं से सख्ती से निपटना भी जानता है। कुछ लोगों को शांति और कल्याण अच्छा नहीं लगता। हिंदू त्योहारों पर उन्हें गर्मी चढ़ती है, लेकिन हम डेंटिंग-पेंटिंग से उनकी गर्मी शांत करना जानते हैं।

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सीएम योगी ने कहा कि अराजकता स्वीकार्य नहीं है। अगर किसी ने सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया, निर्दोष नागरिकों पर हमला किया, बेटियों की सुरक्षा को खतरा पहुंचाया या व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में आगजनी की कोशिश की तो ऐसी कार्रवाई करेंगे कि उनकी कई पीढ़ियां याद रखेंगी। उन्होंने त्योहारों के दौरान माहौल खराब करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि त्योहार उत्साह और एकता का समय है। हिंदू परिवार अपनी पूंजी लगाकर समाज के साथ खुशी मनाता है। कोई भेदभाव नहीं करता। सभी को साथ लेकर चलता है। ऐसे मौकों पर सड़क पर प्रदर्शन और उपद्रव बर्दाश्त नहीं होगा।

मुख्यमंत्री ने उन लोगों को आड़े हाथों लिया जो उपद्रव के दौरान बच्चों और महिलाओं को आगे करते हैं। उन्होंने कहा कि जो कायरों और बुझदिलों की तरह बच्चों और महिलाओं को आगे करके उपद्रव करते हैं, उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। आस्था अंतःकरण का विषय है, प्रदर्शन का नहीं। आस्था के नाम पर तोड़फोड़, आगजनी या पुलिस पर हमला करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा।

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सीएम योगी ने महापुरुषों के सम्मान पर जोर देते हुए कहा कि महापुरुष किसी भी परंपरा में हों, उनका सम्मान होना चाहिए। आस्था प्रदर्शन का विषय नहीं है। जो लोग आस्था के नाम पर हिंसा और अराजकता फैलाते हैं, उन्हें कठोर दंड भुगतना होगा।

 

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