हरियाणा में महिला कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत, पुरुषों से 2.5 गुना ज्यादा आकस्मिक अवकाश

चंडीगढ़

हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में कार्यरत महिला शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को पुरुषों की तुलना में अधिक आकस्मिक अवकाश (कैजुअल लीव) देने का निर्णय लिया है। वित्त विभाग के आदेश पर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने नए निर्देश जारी कर दिए हैं, जो हरियाणा सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2016 में किए गए संशोधन के तहत लागू किए गए हैं। संशोधित नियमों के अनुसार, अब हर वर्ष नियमित महिला कर्मचारियों को 25 दिन, जबकि पुरुष कर्मचारियों को केवल 10 दिन आकस्मिक अवकाश मिलेगा। यह बदलाव 30 जून 2025 से पहले नियुक्त होने वाले सभी नियमित कर्मचारियों पर लागू होगा।

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नियुक्ति तिथि के अनुसार अवकाश की व्यवस्था
    30 जून से पहले नियुक्त महिलाएं – 25 दिन
    30 जून से पहले नियुक्त पुरुष – 10 दिन
    1 जुलाई से 30 सितंबर के बीच नियुक्त महिलाएं – 12 दिन
    पुरुष कर्मचारी – 5 दिन
    1 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच नियुक्त महिलाएं – 6 दिन
    पुरुष कर्मचारी – 2 दिन
    1 दिसंबर के बाद नियुक्त महिलाएं – 3 दिन
    पुरुष कर्मचारी – 1 दिन

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पुरुष कर्मचारियों को सेवा अवधि के आधार पर अतिरिक्त लाभ
हालांकि महिला कर्मचारियों को पूरे साल 25 आकस्मिक अवकाश मिलेंगे, लेकिन पुरुष कर्मचारियों को सेवा अवधि के आधार पर अतिरिक्त अवकाश का प्रावधान किया गया है:-

    10 साल की सेवा पर – 10 दिन
    10 से 20 साल की सेवा पर – 15 दिन
    20 साल से अधिक सेवा पर – 20 दिन

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यह अतिरिक्त लाभ उसी वर्ष से प्रभावी होगा, जिस वर्ष कर्मचारी अपनी सेवा की निर्धारित अवधि पूरी करता है।

नियम तुरंत प्रभाव से लागू
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश भेज दिए हैं, ताकि स्कूलों में इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। सरकार का मानना है कि यह कदम महिला कर्मचारियों को अधिक सहयोग और संतुलन प्रदान करेगा।

 

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