MP हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: एकलव्य विद्यालयों के 200 शिक्षकों के ट्रांसफर पर लगाई रोक

 जबलपुर
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की एकलपीठ ने जबलपुर सहित राज्य के अन्य जिलों के एकलव्य आवासीय विद्यालयों में पदस्थ 200 शिक्षकों को सामूहिक रूप से खंडवा स्थानांतरित करने के आदेश को अनुचित पाया। इसी के साथ आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी। कोर्ट ने शिक्षकों को वर्तमान एकलव्य विद्यालय में पदस्थ रखने की व्यवस्था दी है।

ये भी पढ़ें :  हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बनाए मुख्य संसदीय सचिव अब नहीं रहेंगे, हाईकोर्ट ने CPS कानून को किया निरस्त

याचिकाकर्ता एकलव्य आवासीय विद्यालय, रामपुर छापर में पदस्थ उपमा शांडिल्य की ओर से अधिवक्ता सुधा गौतम ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि 23 सितंबर, 2025 को आदेश जारी कर याचिकाकर्ता सहित जबलपुर सहित राज्य के अन्य जिलों के विभिन्न एकलव्य आवासीय विद्यालयों में पदस्थ 200 शिक्षकों को सामूहिक रूप से खंडवा स्थानांतरित कर दिया गया था।

ये भी पढ़ें :  शहडोल के स्कूलों में 24 लीटर पेंट पर 3.38 लाख खर्च! बदनावर विधायक ने सदन में उठाया मामला

याचिकाकर्ता 2024 में उच्च पद प्रभार पर रामपुर छापर के एकलव्य आवासीय विद्यालय में पदस्थ हुई थी। दरअसल, 11 नवंबर, 2024 को संभागायुक्त, जबलपुर ने एक पत्र जारी किया था, जिसके जरिये साफ किया गया था कि एकलव्य विद्यालयों में स्थान नहीं है, इसलिए शिक्षक स्थानांतरण के विकल्प पेश करें।

जिसके बाद याचिकाकर्ता ने एकलव्य विद्यालय, रामपुर छापर, रांझी व सदर के विकल्प भरे थे। इसके बावजूद इन विकल्पों को दरकिनार कर खंडवा भेजने का आदेश जारी कर दिया गया। इसी लिए हाई कोर्ट की शरण ली गई। हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद 23 सितंबर, 2025 के आदेश को अनुचित पाकर स्थानांतरण पर रोक लगा दी।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment