गजरा राजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर को विश्वस्तरीय स्वरूप देने के लिए प्रावधानों को प्रस्ताव में करें शामिल : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

गजरा राजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर को विश्वस्तरीय स्वरूप देने के लिए प्रावधानों को प्रस्ताव में करें शामिल : उप मुख्यमंत्री  शुक्ल

मेडिकल कॉलेज ग्वालियर एवं संबद्ध चिकित्सालय के सुदृढ़ीकरण कार्यों की वृहद समीक्षा की

ग्वालियर

उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में गजरा राजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर एवं संबद्ध चिकित्सालय के सुदृढ़ीकरण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गजरा राजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर-चंबल अंचल का एक प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान है, जो लंबे समय से क्षेत्र के नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर रहा है। इस संस्थान को भविष्य की आवश्यकताओं, अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और मरीजों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए सुदृढ़ीकरण किया जाना आवश्यक है।

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उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा और जन-स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को उन्नत करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने गजरा राजा मेडिकल कॉलेज और उससे संबद्ध चिकित्सालय के मास्टर प्लान की समीक्षा कर सभी आवश्यक प्रावधानों को सम्मिलित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव इस तरह तैयार किया जाए कि आने वाले वर्षों में किसी भी प्रकार की संरचनात्मक या तकनीकी बाधा न आए और कॉलेज परिसर का विस्तार दीर्घकालिक दृष्टि से उपयोगी सिद्ध हो।

उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि मरीजों की सुविधा, चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के कार्यस्थल की सहजता, साथ ही शिक्षण-प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार के सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाए। उन्होंने 500 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल को योजना में शामिल करने के निर्देश दिए तथा एमआरआई, लिनेक सहित अत्याधुनिक चिकित्सकीय उपकरणों की स्थापना का भी प्रावधान करने को कहा।

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उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि अस्पताल परिसर में एस.टी.पी. (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की क्षमता भविष्य मांग अनुसार हो ताकि स्वच्छता और पर्यावरणीय मानकों का पूर्ण पालन हो सके। मरीजों के परिजनों एवं बाहर से आने वाले आगंतुकों की सुविधा के लिए रैन बसेरा (विश्राम गृह) का निर्माण भी प्रस्ताव में शामिल किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्यों में समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित की जाए और समस्त प्रक्रियाएँ गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्यों के मानकों के अनुरूप हों।

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उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण और अधोसंरचना से जुड़ी समस्त प्रक्रियाएँ वर्ष 2028 के पूर्व पूर्ण कर ली जाएँ, ताकि नागरिकों को शीघ्र ही उच्चस्तरीय और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। प्रभारी आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  विशेष गढ़पाले, एमडी बीडीसी  सिबी चक्रवर्ती, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

 

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