पाकिस्तान की परमाणु चालबाज़ी का पुराना इतिहास, ट्रंप के बयान पर भारत की सख़्त नज़र

नई दिल्ली 
ट्रंप द्वारा पाकिस्तान के परमाणु परीक्षण के दावों पर भारत ने तगड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि यही तो पाकिस्तान का इतिहास है। उन्होंने कहा कि हम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह से सतर्क हैं। वह गलत और अवैध तरीके से ही तो सबकुछ करता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दशकों से इसी तरह से तस्करी कर रहा है। निर्यात नियंत्रण का उल्लंघन कर रहा है। गुप-चुप ढंग से साझेदारियां बना रहा है। जायसवाल ने आगे कहा कि हमने हमेशा ही अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान इस तरफ खींचा है।

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डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा था
गौरतलब है कि पिछले दिनों अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन दशक के अंतराल के बाद परमाणु हथियारों का परीक्षण फिर से शुरू करने की अपनी योजना को सही ठहराया। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान और चीन उन देशों में शामिल हैं जो परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहे हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ट्रंप के इसी बयान का जिक्र कर रहे थे।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि निश्चित रूप से उत्तर कोरिया परीक्षण कर रहा है। पाकिस्तान भी परीक्षण कर रहा है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले सप्ताह कहा था कि रूस ने पोसाइडन परमाणु-सक्षम ‘सुपर टॉरपीडो’ का परीक्षण किया है। ट्रंप ने अपने वक्तव्य में परमाणु हथियारों के परीक्षण की प्रक्रिया पुनः शुरू करने के अपने निर्णय को दृढ़तापूर्वक उचित ठहराया। उन्होंने कहा कि हथियारों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए परीक्षण आवश्यक है।
 
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि दूसरे देश परीक्षण करते हैं, और हम परीक्षण नहीं करते। हमें परीक्षण करना ही होगा। रूस ने भी कुछ दिन पहले थोड़ी धमकी दी थी जब उसने कहा था कि वे कुछ अलग स्तर के परीक्षण करने वाले हैं। लेकिन रूस परीक्षण करता है, चीन परीक्षण करता है, और हम भी परीक्षण करने वाले हैं। इस दौरान रणधीर जायसवाल ने कई अन्य बातों का भी जिक्र किया। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के भारत आने के दावे की भी बात की। प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें अभी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि ट्रंप कब भारत आएंगे। उन्होंने कहा कि इस बारे में जानकारी मिलते ही वह बताएंगे।

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