VHP ने जनगणना में सभी को खुद को हिंदू बताकर रजिस्टर करने की क्यों की मांग?

बेंगलुरु 

VHP यानी विश्व हिंदू परिषद ने आगामी जनगणना में सभी से खुद को हिंदू के तौर पर दर्ज कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इसके जरिए हिंदू समाज में बंटवारे की कोशिश को रोकना है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को बांटने की प्रयासों को रोकना है और एकजुट रहना है। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की पहचान के लिए मापदंड होना चाहिए।

 अध्यक्ष अरुण कुमार ने जनगणना में सभी को हिंदू के तौर पर दर्ज कराने की यह वजह बताई है। उन्होंने कहा, 'कर्नाटक में लिंगायतों के कुछ वर्ग, आदिवासी इलाकों में सारणा और जाटवों के कुछ वर्ग और सामान्य में कुछ एससी एसटी में खुद को हिंदू पक्ष बताने के लिए अभियान चला रहे हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हिंदू समाज को बांटने वाले ऐसे प्रयास असफल हों और हम एकजुट रहें।'

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दिल्ली में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि धार्मिक अल्पसंख्यकों को तय करने के लिए जो नियम हैं, उनपर दोबारा विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'अल्पसंख्यकों को सिर्फ आबादी के आधार पर तय नहीं किया जा सकता। इसमें यह भी देखा जाना चाहिए कि किसी विशेष धर्म का पालन करने वालों ने पिछड़ेपन या दबाव का सामना किया है, जिसके चलते उन्हें विशेष अधिकार दिए जाएं।'

कुमार ने फ्रीडम ऑफ रिलीजन एक्ट लागू किए जाने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि हिंदू मंदिरों को सरकार के नियंत्रण से आजाद किया जाए और हिंदू समुदाय को तत्काल सौंप दिया जाए। उन्होंने ड्रग्स के खिलाफ भी अभियान तेज करने की अपील की है।
जनगणना की क्या तैयारी

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भारत के रजिस्ट्रार जनरल (RGI) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आगामी जनगणना के लिए जनगणना अधिकारियों की नियुक्ति 15 जनवरी 2026 तक पूरी करने का निर्देश दिया है। परिपत्र के अनुसार, इस डेटा संग्रह कवायद के लिए प्रगणक और पर्यवेक्षक मुख्य जनगणना अधिकारी होंगे।

इसमें कहा गया है कि लगभग 700-800 की आबादी के लिए एक प्रगणक को नियुक्त किया जाएगा और प्रत्येक छह प्रगणकों पर एक पर्यवेक्षक होगा। आपात स्थितियों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षित प्रगणक और पर्यवेक्षक भी रखे जाएंगे।

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आगामी जनगणना 2027 में देश भर में जनगणना के कार्य को समय पर पूरा करने के लिए लगभग 30 लाख फील्ड अधिकारी तैनात किए जाएंगे। आरजीआई ने इन सभी गतिविधियों की निगरानी और प्रबंधन के लिए 'जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली (CMS) नामक एक वेब पोर्टल भी विकसित किया है।
दो चरणों में होगी जनगणना

जनगणना 2027 दो चरणों में होगी। इसमें पहला चरण, मकान सूचीकरण और आवास गणना अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच होगा और दूसरा चरण जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगा। यह कवायद डिजिटल होगी और इसमें 30 अप्रैल को राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति के निर्णय के अनुसार, जाति गणना को भी शामिल किया जाएगा।

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