भोपाल में 4.38 लाख वोटर्स के नाम कटेंगे, नए नाम जोड़ने का तरीका जानें

भोपाल 
 राजधानी भोपाल सहित मध्य प्रदेश में एसआईआर का पहला चरण पूरा हो गया है. 27 अक्टूबर की स्थिति में भोपाल में 21 लाख 25 हजार मतदात थे. लेकिन अब इनमें से 4 लाख 38 हजार मतदाओं के नाम नई मतदाता सूची से कट सकते हैं. भोपाल जिला उप निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया "एसआईआर का फार्म जमा करने के आखिरी दिन तक 79 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी कर ली गई है. जबकि 20.6 प्रतिशत यानि 4 लाख 38 हजार मतादाता अनकनेक्टेबल पाए गए हैं."

23 जनवरी को प्रकाशित होगा ड्राफ्ट

भुवन गुप्ता ने बताया "मतदाता सूची का अंतिम ड्राफ्ट 23 जनवरी को प्रकाशित होगा. जो मतदाता इसमें शामिल नहीं होंगे, वो 23 जनवरी के बाद इसके लिए दावा-आपत्ति लगा सकते हैं. इसके साथ ही एक लाख 13 हजार मतदाता ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिनका 2003 की मतदाता सूची से लिंक नहीं मिला. ये मतदाता भी नौ मैपिंग की श्रेणी में हैं. इनकी व्यक्तिगत सुनवाई की जाएगी."

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इसके लिए अनमैपिंग वाले मतदाताओं को 19 दिसंबर से नोटिस जारी किए जाएंगे. बाद में इनके दस्तावेजों का सत्यापन होगा. इसके बाद इनके नाम मतदाता सूची में शामिल कर लिए जाएंगे.

सभी 85 वार्डों में होगी दावा-आपत्ति की सुनवाई

भुवन गप्ता ने बताया "जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई है. उनके लिए अलग-अलग वार्डों में कैंप लगाया जाएगा. सभी 85 वार्डों में बीएलओ बैठेंगे, जो दावे-आपत्तियों का निराकरण करेंगे. इसके साथ ही 85 अतिरिक्त निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बनाने का प्रस्ताव आयोग को भेजा है. ये सभी 85 वार्डों में नोटिस की सुनवाई करेंगे." 

भुवन गुप्ता ने बताया "प्रत्येक वार्ड में एक दिन में 50 लोगों के दावे-आपत्तियों की सुनवाई होगी. 35 हजार मतदाता ऐसे भी मिले हैं, जिनकी मृत्यु हो गई है. इनके नाम भी मतदाता सूची से हटेंगे."

इस तरह नए मतदाता जुड़वा सकते हैं नाम

जिला निर्वाचन अधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया "23 जनवरी को मतदाता सूची का अंतिम ड्राफ्ट जारी होगा, इसके साथ ही दावे-आपत्ति का दौर भी शुरू होगा. इस दौरान 1 जनवरी 2026 की स्थित में जो नए मतदाता हैं, वो अपने नाम जुड़ाने के लिए या संशोधन के लिए भी आवेदन कर सकते हैं. हमारे बीएलओ इस दौरान बूथों में बैठेंगे. फिलहाल जिले में 4 लाख 38 हजार मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं."

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नागरिकता प्रस्तुत करने के लिए 50 दिन का समय

उप निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया "अनकलेक्टेबल पत्रक वाली सूची में आने वाले लोगों को कोई नोटिस नहीं भेजा जाएगा. प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद यदि ऐसे मतदाताओं का नाम सूची में नहीं मिलता है, तो उन्हें फार्म 6 के जरिए नए मतदाता के तौर पर खुद को पंजीकृत करना होगा."

"इसके लिए आवेदकों को आवेदन के साथ नाम, पते और जन्मतिथि के प्रमाण के साथ नागरिकता का प्रमाण भी प्रस्तुत करना होगा. ऐसे मतदाताओं को नागरिकता का दस्तावेज पेश करने के 50 दिन का समय दिया जाएगा."

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एसआईआर के लिए दस्तवेजों की 5 श्रेणियां

1. एक जुलाई 1987 को भारत में जन्मे व्यक्ति को जन्मतिथि और जन्म स्थान की पुष्टि के लिए प्रमाण पत्र देना होगा.

2. एक जुलाई 1987 से दो दिसंबर 2004 तक जन्मे व्यक्ति को स्वयं के जन्मतिथि और जन्म स्थान के प्रमाण के साथ पिता की जन्मतिथि-जन्म स्थान को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज देने होंगे.

3. दो दिसंबर 2004 के बाद जन्मे व्यक्ति को पिता के जन्म स्थान-जन्म तिथि प्रमाण पत्र के साथ माता की जन्मतिथि और जन्म स्थान का प्रमाण भी देना होगा. वहीं यदि माता-पिता में से कोई भारतीय नहीं हैं, तो उनका वैध पासपोर्ट-वीजा की एक प्रति देनी होगी.

4. देश के बाहर जन्मे व्यक्ति को भारतीय मिशन से जारी जन्म पंजीकरण का प्रमाणपत्र देना होगा.

5. यदि किसी को भारतीय नागरिकता पंजीकरण से मिली है, तो उन्हें नागरिकता पंजीकरण का प्रमाणपत्र लगाना होगा.

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