नकली हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट पर सख्ती, फर्जी प्लेट लगाने वालों पर कसेगा परिवहन विभाग का शिकंजा

भोपाल
अगर आप अपने वाहन पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगवाने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। सड़क किनारे की दुकानों या अनाधिकृत वेंडर्स से नंबर प्लेट लगवाना आपको कानूनी पचड़े में डाल सकता है। मध्य प्रदेश परिवहन विभाग ने प्रदेश में चल रहे नकली एचएसआरपी के फर्जीवाड़े को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ग्वालियर स्थित परिवहन आयुक्त कार्यालय ने प्रदेश के सभी क्षेत्रीय आरटीओ, अतिरिक्त क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि बाजार में नकली नंबर प्लेट बनाने व बेचने वालों पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए।

ये भी पढ़ें :  युवाओं के लिए आत्मविश्वास, अनुशासन और उत्साह का स्त्रोत है एनसीसी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नियम विरुद्ध काम करने वालों पर कसेगा शिकंजा
परिवहन विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ असामाजिक तत्व और निजी दुकानदार अवैध रूप से हूबहू असली जैसी दिखने वाली 'नकली हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट' बनाकर वाहनों पर लगा रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 50 और 51 के तहत यह दंडनीय अपराध है। प्रदेश में एचएसआरपी लगाने का अधिकृत कार्य केवल वाहन विनिर्माताओं (ओईएमएस) के अधिकृत डीलरों द्वारा ही किया जा रहा है। अब यदि कोई अनाधिकृत व्यक्ति ऐसी प्लेट बनाते या बेचते पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
 
पंजीयन पुस्तिका से मिलान अनिवार्य
वाहन स्वामी को परिवहन विभाग की वेबसाइट (http://vahan.parivahan.gov.in) से अपनी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) का नया प्रिंट लेना होगा। आरसी पर अंकित 'लेजर कोड' का मिलान वाहन पर लगी नंबर प्लेट के लेजर कोड से करना अनिवार्य है।

ये भी पढ़ें :  सेवा पखवाड़ा के तहत आज जनकपुर में रक्तदान

पुराने वाहनों की यह है प्रक्रिया
विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, एक अप्रैल 2019 या उसके बाद खरीदे गए वाहनों पर डीलर द्वारा बिक्री के समय ही प्लेट लगाई जाती है। लेकिन एक अप्रैल 2019 से पूर्व निर्मित पुराने वाहनों के लिए वाहन मालिकों को खुद पहल करनी होगी। इसके लिए वाहन स्वामी को 'एसआईएएम' के आधिकारिक पोर्टल (https://www.siam.in) पर जाकर 'बुक एचएसआरपी' लिंक के जरिए आनलाइन स्पाट बुक करना होगा।

ये भी पढ़ें :  विदिशा जिले से निकलकर यूपी के जालौन में यमुना से मिलने वाली सिंध नदी का बुरा हाल हुआ

डीलर का चयन : वाहन मालिक अपनी सुविधा अनुसार अपने नजदीकी डीलर का चयन कर सकते हैं।
ऑनलाइन भुगतान : प्लेट लगवाने हेतु शुल्क का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से ही किया जाएगा। नकद राशि का भुगतान किसी भी स्थिति में मान्य नहीं होगा।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment