फ्रांस दौरे पर एस. जयशंकर: भारतीय विरासत और गहरे सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती प्रदर्शनी में लिया हिस्सा

पेरिस/नई दिल्ली
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर 4 जनवरी से दो देशों के विदेश दौरे पर हैं। पहले चरण में जयशंकर फ्रांस पहुंचे हुए हैं। इस दौरान उन्होंने पेरिस में 'से क्वी से ट्रैम' नामक एक प्रदर्शनी का दौरा किया। इसमें भारत की पुरानी कपड़ा विरासत और शानदार कारीगरी को पेश किया गया, जो यह दर्शाता है कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध कितने गहरे और मजबूत हैं। इस सिलसिले में ईएएम जयशंकर ने भारतीय समयानुसार सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "आज शाम पेरिस में 'से क्वी से ट्रैम' प्रदर्शनी देखी। यह प्रदर्शनी भारत की टेक्सटाइल विरासत, सवोइर-फेयर और क्रिएटिविटी को दिखाती है। यह भारत-फ्रांस के मजबूत सांस्कृतिक जुड़ाव की भी याद दिलाती है।"

ये भी पढ़ें :  आतंकवाद और पानी साथ नहीं चल सकते— पाकिस्तान पर एस. जयशंकर का कड़ा संदेश

बता दें, एस जयशंकर 4-9 जनवरी तक फ्रांस और लक्जमबर्ग के आधिकारिक दौरे पर हैं। फ्रांस के अपने दौरे के दौरान, वह राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात के साथ विदेश मंत्री, जीन नोएल बैरोट के साथ बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "वे भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के तहत हुई प्रगति और वैश्विक महत्व के मामलों पर चर्चा करेंगे। ईएएम गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर फ्रेंच एम्बेसडर कॉन्फ्रेंस के 31वें एडिशन को भी संबोधित करेंगे।" इसके बाद लक्समबर्ग के दौरे पर विदेश मंत्री जयशंकर उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जेवियर बेटेल और वरिष्ठ नेतृत्व के साथ बातचीत करेंगे। लक्जमबर्ग में मौजूद भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी वह बातचीत करेंगे।

ये भी पढ़ें :  एस. जयशंकर जाएंगे अमेरिका, 20 जनवरी को ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में होंगे शामिल

पिछले साल नवंबर में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में जी20 समिट के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की थी। मीटिंग के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, "जोहान्सबर्ग जी20 समिट के दौरान राष्ट्रपति मैक्रों से मिलकर खुशी हुई। हमने अलग-अलग मुद्दों पर अच्छी बातचीत की। भारत-फ्रांस के रिश्ते दुनिया की भलाई के लिए एक ताकत बने हुए हैं।"

दोनों नेताओं ने पिछले साल सितंबर 2025 में फोन पर बात की थी, जिसमें यूक्रेन में लड़ाई खत्म करने की कोशिशों पर विचार साझा किए गए थे। इसके साथ ही उन्होंने इस मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान और पूरे इलाके में जल्द शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए भारत के लगातार समर्थन को दोहराया था। इससे पहले दोनों नेताओं ने 21 अगस्त, 2025 को भी फोन पर बात की थी। इस समय भी यूक्रेन को लेकर बातचीत हुई थी। पिछले कुछ महीनों में अपनी बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने अर्थव्यवस्था, रक्षा, विज्ञान, तकनीक और अंतरिक्ष समेत अलग-अलग क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हुए विकास की समीक्षा की। उन्होंने होराइजन 2047 रोडमैप, इंडो-पैसिफिक रोडमैप और डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप के हिसाब से इंडिया-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment