राहुल गांधी सबसे डरपोक नेता” — शकील अहमद के तीखे आरोपों से सियासत गरम

नई दिल्ली.
बिहार विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे चुके पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजीव और सोनिया गांधी के चहेते रहे शकील अहमद ने राहुल गांधी पर बड़ा प्रहार किया है। उन्होंने राहुल गांधी भारतीय राजनीति का सबसे डरपोक(इनसेक्योर) पॉलिटिशयन बता दिया है। कहा है कि वे मजबूत कांग्रेसियों से डरते हैं और पार्टी में लाए गए नए नेताओं को तरजीह देते हैं। यह भी दावा किया है कि मल्लिकार्जुन खरगे सिर्फ नाम के अध्यक्ष हैं। असली रिमोट राहुल गांधी के हाथ में है। शकील अहमद ने उनके संविधान और मुस्लिम कार्ड को भी फेल बताया।

इलेक्ट्रानिक चैनल न्यूज18 के साथ खास वार्ता में शकील अहमद ने कहा कि राहुल जी की पौधा लगाने से ज्यादा उसे उखाड़ देने में रुची है। वे अपनी ही पार्टी के मजबूत नेताओं से डर लगता है। इस वजह से वे दूसरी पार्टी से आए नेताओं को ज्यादा तवज्जो देते हैं। मेरी नजर में राहुल जी से ज्यादा इनसेक्योर पॉलिटिशयन अब तक कोई नहीं दिखा। हिंदी में डरपोक बोलने में खराब लगता है क्योंकि यह गलत शब्द है। लेकिन सच्चाई यही है। अंग्रेजी कुछ इज्जत बचाती है।

ये भी पढ़ें :  छत्तीसगढ़ को मजबूत करने के साथ ही प्रशासन में पारदर्शिता और सुशासन लाने के लिए किया पहल शुरू, छत्तीसगढ़ में सुशासन के 8 माह - विष्णु के सुशासन से सँवर रहा है छत्तीसगढ़

शकील अहमद ने कहा कि उनके पार्टी छोड़ने के बाद दूसरी पार्टी से आए नेता बड़े पदों पर बने हुए हैं। इसकी वजह यह है कि इन नेताओं की पार्टी में पकड़ नहीं है तो उन्हें जब चाहें उखाड़ कर फेंक सकते हैं। यह पहले से तय रखते हैं कि अमुक नेता पार्टी छोड़ दे तो क्या-क्या बिगाड़ सकता है। वह बॉस वाली फिलींग पसंद करते हैं। उन्हें कांग्रेस मजबूत चाहिए पर कांग्रेसी मजबूर चाहिए। जो उनके अलावे किसी और को नहीं जाने और उनके नियंत्रण में रहे।

ये भी पढ़ें :  महाराष्ट्र में हरियाणा का बहुत जिक्र हो रहा है, 150 बागी बढ़ा रहे चैलेंज, बस 6 दिन का ही समय है संभलने का

शकील अहमद ने यह भी कहा कि वे अपने से अधिक उम्र के नेताओं के साथ बैठना पसंद नहीं करते क्योंकि उम्रदराज नेताओं को 'आप' और 'जी' कहना पड़ता है। जहां उनके हाथ में कंट्रोल नहीं रहता है वहां से किनारा कर लेते हैं। वे सीनियर नेताओं को पसंद नहीं करते हैं।

ये भी पढ़ें :  Chhattisgarh : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेशवासियों को दी अनेक महत्वपूर्ण सौगातें

उन्होंने यह भी दावा किया कि उनका संविधान बचाओ अभियान भी किसी मतलब का नहीं था। हाथ में संविधान लेकर घूमते रहे और भाषण देते रहे कि बीजेपी और आरएसएस से संविधान को बचाना है। लेकिन, इलेक्शन से कुछ पहले बीजेपी और आरएसएस के 16-17 नेताओं को कांग्रेस में शामिल कराया गया और उन्हें टिकट भी दी गई। इसका वीडियो भी है। शकील अहमद का यह बयान देश की सियासत में भूचाल लाने वाला है।

Share

Leave a Comment