नसीराबाद में सेना की ताकत का परीक्षण: ले. जनरल अरविंद चौहान ने परखी ब्रिगेड की युद्ध तैयारी

अजमेर
लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान ने रविवार को नसीराबाद मिलिट्री स्टेशन का दौरा कर वहां तैनात लॉजिस्टिक यूनिट्स की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ड्रोन तकनीक के उपयोग, प्रशिक्षण व्यवस्था और जवानों के कल्याण से जुड़े पहलुओं पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों और सैनिकों से भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार रखने और आधुनिक तकनीक को तेजी से अपनाने का आह्वान किया।

दरअसल, दक्षिणी कमान भारतीय सेना ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर जानकारी दी कि लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान, वाईएसएम, एसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग सुदर्शन चक्र कोर, ने रविवार को नसीराबाद मिलिट्री स्टेशन का दौरा किया। यहां उन्होंने 'सबसे बेहतर ब्रिगेड' की तैयारी का जायजा लिया, जो फर्स्ट टू स्ट्राइक ब्रिगेड का हिस्सा है। इसके साथ ही लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान ने कुछ अहम लॉजिस्टिक यूनिट्स का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें ऑपरेशनल जिम्मेदारियों, ट्रेनिंग के खास पहलुओं, आधारभूत संरचना के सुधार और जवानों की भलाई से जुड़ी योजनाओं की पूरी जानकारी दी गई।

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इसके बाद जनरल चौहान ने एक कैपेबिलिटी डेवलपमेंट कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता की, जिसमें सुदर्शन चक्र कोर के सभी फॉर्मेशन कमांडर मौजूद थे। उन्होंने इस मौके पर ड्रोन जैसी अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स (यूएएस) और इनके काउंटर-यूएएस सिस्टम्स की अहमियत पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि रिपेयर और रीजेनरेशन की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए, ताकि तकनीक का सही इस्तेमाल हो सके। उन्होंने ट्रेनिंग के लिए भी बेहतर सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया।

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जनरल ने यह भी बताया कि अलग-अलग हथियारों और टुकड़ियों के बीच तालमेल, यानी कम्बाइंड आर्म्स इंटीग्रेशन, बहुत जरूरी है ताकि ऑपरेशन्स ज्यादा असरदार बन सकें। उनका कहना था कि बदलती लड़ाई की परिस्थितियों में ऑपरेशनल एफेक्टिवनेस बढ़ाना बहुत जरूरी है। उन्होंने जवानों को भविष्य के लिए तैयार रहने और हर तरह की नई चुनौतियों के लिए एडाप्ट होने की हिदायत दी।

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इस दौरे के दौरान, जीओसी ने जवानों के मनोबल, उनकी ट्रेनिंग और वेलफेयर पर भी बात की। उन्होंने कहा कि नई तकनीक और बेहतर ट्रेनिंग से ही फौज की ताकत बढ़ती है और मिशन में सफलता मिलती है। उन्होंने सभी कमांडरों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में नई टेक्नोलॉजी और आधुनिक रणनीतियों को लागू करें।

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