Union Budget 2026: बायोफार्मा सेक्टर पर बड़ा दांव, भारत बनेगा ग्लोबल हब; ₹10,000 करोड़ निवेश का ऐलान

नई दिल्ली
Union Budget 2026 बजट 2026-27 में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने बायोफार्मा सेक्टर के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि बायोफार्मा शक्ति प्रोग्राम के तहत अगले पांच साल में इस क्षेत्र में 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बता दें कि बायोफार्मा शक्ति योजना का लक्ष्य बायोफार्मा इकोसिस्टम को विकिसित करना है। बायोफार्मा के तहत सूक्ष्मजीवों, प्रोटीनों के जरिए दवाओं का निर्माण किया जाता है जिसके साइड इफेक्ट्स कम होते हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि इस सेक्टर में बड़ा निवेश करने से देश में फार्मा सेक्टर को बड़ी मदद मिलेगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य ज्ञान, तकनीक और नवाचार के माध्यम से स्वास्थ्य योजना को उन्नत करना है। यह निवेश भारत को वैश्विक बायो फार्मा विनिर्माण केंद्र बनाने और गैर संक्रामक बीमारियों से निपटने में मदद करेगा।

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युवाओं पर केंद्रित बजट
सीतारमण ने लोकसभा में अपने बजट भाषण में बताया कि कर्तव्य भवन में तैयार पहला बजट तीन कर्तव्यों से प्रेरित है। पहला कर्तव्य उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर आर्थिक विकास को तेज और अनवरत बनाए रखना होगा ताकि वैश्विक उथल-पुथल का मजबूती से समाना किया जा सके। दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और उनके क्षमता निर्माण की है ताकि देश को समृद्धि के मार्ग पर ले जाया जा सके। सबका साथ सबका विकास के अनुरूप तीसरा कर्तव्य संसाधन, सुविधा और अवसर तक हर परिवार, समाज, इलाके और सेक्टर की पहुंच सुनिश्चित करना है। सरकार इन कर्तव्यों को पूरा करने के लिए समर्थन का वातावरण तैयार करेगी।

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उन्होंने सात रणनीतिक सेक्टरों में विनिर्माण को बढ़ावा देने का प्रस्ताव किया। देश के बायो फार्मा विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए अगले पांच साल 10 हजार करोड़ रुपये के आवंटन के साथ बायो फार्मा शक्ति का प्रस्ताव किया। इसके तहत देश में बायोलॉजिक्स और बायो सिमिलर बनाने के लिए पारितंत्र तैयार किये जायेंगे। फार्मास्यूटिकल शिक्षा और अनुसंधान के लिए तीन राष्ट्रीय संस्थान बनाए जाएंगे और मौजूदा सात संस्थानों को अपग्रेड किया जायेगा। केंद्रीय औषधि नियंत्रण संस्थान को मजबूत कर वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाया जायेगा।

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इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की गयी है जिसके तहत उपकरण आदि तैयार किये जायेंगे, फुल स्टैक स्वदेशी आईपी तैयार किया जायेगा और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत किया जायेगा। उद्योग के नतृत्व में अनुसंधान को बढ़ावा दिया जायेगा और प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। अप्रैल 2025 में शुरू की गयी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट विनिर्माण योजना के लिए आवंटन 22,919 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है।

 

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