मतदाता सूची से नाम कटने पर बवाल: ‘मैं जीवित हूं’ तख्ती लेकर कांग्रेस भवन पहुंचे लोग, SIR प्रक्रिया पर सवाल

रायपुर

छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने भाजपा और निर्वाचन आयोग को फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है. अभनपुर विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है. धनेन्द्र साहू ने इसे साजिश बताते हुए प्रमाण भी दिया. प्रेस वार्ता में कई महिलाएं और पुरुष गले में मैं अभी जीवित हूं की तख्ती टांगकर मौजूद रहे. जो कथित तौर पर मृत बताकर मतदाता सूची से हटाए गए.

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा अपना जनाधार खो चुकी है, इसलिए जो मतदाता उसे वोट नहीं देते, उनके नाम मतदाता सूची से हटवाए जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि अभनपुर विधानसभा क्षेत्र में फॉर्म-7 के जरिए करीब 21 हजार मतदाताओं के नाम काटे गए. निर्वाचन अधिकारी से जब फॉर्म-7 से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी गई, तो बीएलए की आपत्तियां देने से इनकार कर दिया गया.

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धनेंद्र साहू ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने बीएलए के माध्यम से 917 मतदाताओं के नाम विलोपित करवाए. लगभग हर बीएलए को 30 से 40 नाम हटाने के निर्देश दिए गए. जब कांग्रेस ने 914 नामों की जांच की, तो सभी संबंधित व्यक्ति उसी गांव और वार्ड में जीवित पाए गए.

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं द्वारा बीएलओ पर दबाव बनाया जा रहा है. कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग से मुलाकात कर कहा कि झूठी जानकारी देकर नाम कटवाना आपराधिक कृत्य है. इस पर संबंधित थानों में केस दर्ज होना चाहिए. धनेंद्र साहू का आरोप है कि निर्वाचन आयोग एफआईआर दर्ज कराने को तैयार नहीं है. न तो आपत्तियों का प्रकाशन किया जा रहा है और न ही दावा-आपत्ति की जानकारी कांग्रेस संगठन को दी जा रही है. दबाव के बाद ही निर्वाचन आयोग जानकारी देने को बाध्य हुआ. कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और नियमों के पालन के साथ काम कराने की मांग की है.

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धनेंद्र साहू ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया में जिनका नाम कटा है, उनमें 70 प्रतिशत नाम मुस्लिम मतदाताओं के हैं. यह साजिश केवल अभनपुर में नहीं हो रही है. इधर बीएलए का कहना है कि उन्होंने आपत्ति नहीं की, भाजपा पार्टी के बड़े पदाधिकारी आए और साइन करवा लिए. धनेंद्र साहू ने कहा यह एक बड़ा षड्यंत्र है, जितने बीएलए हैं वह दूसरे गांव में शिकायत कर रहे हैं.

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धनेंद्र साहू ने एसआईआर में मतदाता लिस्ट से कटे नामों में करीब 70 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह साजिश सिर्फ अभनपुर तक सीमित नहीं है. बीएलए का कहना है कि उन्होंने कोई आपत्ति दर्ज नहीं की थी, बल्कि भाजपा के बड़े पदाधिकारी आए और उनसे साइन करवा लिए.

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