MP Board Exam: शिक्षक और अन्य कर्मचारियों को ड्यूटी से इनकार पड़ेगा भारी, हो सकती है कड़ी कार्रवाई

ग्वालियर
 माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाई स्कूल और हायर सेकंडरी परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होने वाली है। परीक्षा में जिन शिक्षकों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है, यदि वे ड्यूटी से इनकार करते हैं या अपनी ड्यूटी वाली जगह पर उपस्थिति नहीं होते हैं तो वे कार्रवाई के दायरे में आएंगे।

इस संबंध में बोर्ड ने परीक्षा गाइडलाइन जारी करते समय ही एक पत्र जारी कर परीक्षा ड्यूटी में शामिल सभी शिक्षकों व कर्मचारियों की सेवा को आवश्यक सेवा के दायरे में ला दिया था। यानी ड्यूटी लगने के बाद इनकार करने या ड्यूटी वाली जगह न पहुंचने पर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

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एक फरवरी से 30 अप्रैल तक अति आवश्यक सेवा घोषित

राज्यपाल के गजट नोटिफिकेशन और बोर्ड के आदेशों के क्रम में जिले में भी परीक्षा कार्य में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाओं को एक फरवरी से 30 अप्रैल तक अति आवश्यक सेवाओं के दायरे में लाया गया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि इस अवधि के दौरान परीक्षा कार्य से जुड़े किसी भी कर्मचारी की भूमिका को अनिवार्य माना जाएगा।
बहानेबाजी नहीं चलेगी

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शिक्षक स्वास्थ्य या अन्य निजी कारणों का हवाला देकर परीक्षा ड्यूटी से नाम कटवाते हैं या मौके पर नहीं पहुंचते। लेकिन इस बार कोई बहाना नहीं चलेगा, बल्कि उन्हें प्रमाण देना पड़ेगा। यदि ऐसा नहीं करते हैं तो मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है।

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