शरीर में चुपके से घर कर रहा है कैंसर! आज नहीं बदलीं ये 4 आदतें तो बढ़ सकता है खतरा

नई दिल्ली

चिकित्सा विज्ञान में हुई अभूतपूर्व प्रगति के बावजूद 'कैंसर' आज भी दुनिया भर में मौत के प्रमुख कारणों में से एक बना हुआ है। जब शरीर की कोशिकाएं अनियंत्रित होकर स्वस्थ ऊतकों (Tissues) को नष्ट करने लगती हैं, तो यह घातक बीमारी जन्म लेती है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और भारत सरकार का आयुष मंत्रालय (Ministry of AYUSH) इस बात पर जोर देते हैं कि कैंसर कोई अपरिहार्य नियति नहीं है। सही जानकारी और अनुशासित जीवनशैली अपनाकर इस जानलेवा बीमारी के जोखिम को 40% तक कम किया जा सकता है।

आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देश: रोकथाम ही सबसे बड़ा इलाज
आयुष मंत्रालय के अनुसार, कैंसर से बचाव के लिए महंगे इलाज से बेहतर 'प्रिवेंटिव हेल्थकेयर' है। मंत्रालय ने कुछ बुनियादी आदतों को रेखांकित किया है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर कैंसर कोशिकाओं को पनपने से रोक सकती हैं।

ये भी पढ़ें :  आज 17 सितंबर को पूरे हो जाएंगे मोदी 3.0 के 100 दिन, जाने किन उपलब्धियों पर सरकार थप थपा रही अपनी पीठ

कैंसर मुक्त जीवन के 5 मुख्य स्तंभ
 1. तंबाकू का पूर्ण त्याग: कैंसर से बचाव का सबसे पहला और अनिवार्य कदम है नशा मुक्ति। सिगरेट, बीड़ी, गुटखा और खैनी जैसे उत्पाद न केवल मुंह और फेफड़ों, बल्कि पेट और किडनी के कैंसर का भी मुख्य कारक हैं। मंत्रालय के अनुसार, तंबाकू छोड़ना ही सुरक्षा की सबसे पहली ढाल है।
 
2. संतुलित वजन और मेटाबॉलिज्म: मोटापा केवल हृदय रोग ही नहीं, बल्कि स्तन, आंत और गर्भाशय के कैंसर का भी आमंत्रण है। शरीर में अत्यधिक वसा (Fat) हार्मोनल असंतुलन पैदा करती है, जो ट्यूमर के विकास में सहायक हो सकता है।

ये भी पढ़ें :  पंजाब पुलिस में भर्ती हुए नव नियुक्त उम्मीदवारों को मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे

3. सक्रिय जीवनशैली (Physical Activity): नियमित व्यायाम शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है। रोजाना कम से कम 30-45 मिनट का योग, प्राणायाम या तेज पैदल चलना कैंसर के जोखिम को न्यूनतम स्तर पर ले आता है।
 
4. 'रेनबो डाइट' का महत्व: आयुष मंत्रालय पोषक तत्वों से भरपूर आहार की वकालत करता है। अपनी थाली में रंग-बिरंगे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और एंटीऑक्सीडेंट युक्त मसालों (जैसे हल्दी, अदरक) को शामिल करना चाहिए। प्रोसेस्ड मीट और अत्यधिक चीनी युक्त जंक फूड से दूरी बनाना अनिवार्य है।
 
5. समय पर स्क्रीनिंग और मेडिकल चेकअप: कैंसर की शुरुआती पहचान ही जीवन रक्षा की कुंजी है। मैमोग्राफी (स्तन कैंसर के लिए) और पैप स्मीयर (सर्वाइकल कैंसर के लिए) जैसे नियमित टेस्ट करवाने से बीमारी को प्रथम चरण में ही पकड़ा जा सकता है, जहाँ इलाज की सफलता दर 90% से अधिक होती है।

ये भी पढ़ें :  भारत में 100 करोड़ की 'डिजिटल डकैती' का भंडाफोड़, ताइवानी मास्टरमाइंड के चीन से पाक तक तार

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment