ट्रेड डील पर बदली अमेरिकी शर्तें! ‘साझा समझ’ के बीच क्या हुआ, विदेश मंत्रालय ने खोला राज

नई दिल्ली
भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील की चर्चा इन दिनों सभी जगह है। इस डील की फैक्टशीट पर हाल ही में वाइट हाउस द्वारा कुछ बदलाव किए गए थे। अब इन बदलावों पर जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह संशोधन दोनों देशों की आपसी सहमति के बाद हुए हैं। यह दोनों देशों की साझा समझ को भी प्रदर्शित करते हैं।

मीडिया से बात करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मामले पर सरकार का मत सामने रखा। उन्होंने कहा, "दोनों देशों के बीच में पारस्परिक लाभ और व्यापारिक लाभ को ध्यान में रखकर एक अंतरिम समझौते पर सहमति बनी थी। इसे एक संयुक्त बयान के रूप में पेश किया गया था। यही बयान (फैक्टशीट) इस मामले में हमारी समझ का आधार बना हुआ है। अमेरिका की तरफ से इसमें जो भी संशोधन किए गए हैं, वह पूरी तरह से आपसी समझ को प्रदर्शित करते हैं।

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क्या है पूरा मामला?
लंबी बातचीत और कई दौर की मीटिंग के बाद आखिरकार भारत और अमेरिका के बीच एक समझौते पर मुहर लगी थी। हालांकि, अभी भी इस पर बातचीत जारी है, लेकिन एक संयुक्त बयान जारी कर दिया गया था। यह एक बार 10 फरवरी को फिर चर्चा में आया, जब वाइट हाउस ने इस बयान की फैक्टशीट में बदलाव कर दिया। इस बदलाव के मुताबिक भारत द्वारा जिन अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ कम करने या समाप्त करने की बात पहले कही गई थी, उनमें से कुछ दालों को हटा दिया गया।

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इस संशोधन के पहले वाइट हाउस की आधिकारिक बेवसाइट पर उपलब्ध बयान के मुताबिक कहा गया था कि भारत सभी प्रकार की औद्योगिक वस्तुओं और अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों पर से टैरिफ हटाने या कम करने के लिए सहमत हुआ है।

इसके अलावा अमेरिका की तरफ से पहले 500 बिलियन डॉलर की खरीद को लेकर भारत के प्रतिबद्ध होने की बात कही गई थी, इसे बाद में संशोधित करके 'इरादा रखता है' वाली बात जोड़ी गई। यानी यह बात भारत के लिए बाध्यकारी न होकर एक आपसी सहमति पर आधारित होगी।

भारत और अमेरिका व्यापारिक समझौता
ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से लगातार भारत और अमेरिका के बीच में तनाव बना हुआ था। यह तनाव इतना बढ़ गया कि ट्रंप ने भारत की अर्थव्यवस्था को भी खरी-खोटी सुनाना शुरू कर दी। अमेरिकी ट्रंप, प्रशासन द्वारा लगातार बनाए गए दबाव के बाद भी सरकार ने किसानों के हितों को ताक पर नहीं रखा। महीनों की वार्ता के बाद आखिरकार दोनों देश एक समझौते पर पहुंचे।

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इस समझौते की तरफ सबसे पहले अमेरिकी राजदूत सर्गियो गोर ने इशारा किया। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इसकी जानकारी साझा कर दी। इसके बाद भारत सरकार की तरफ से भी इस पर जानकारी साझा की गई।

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