एमपी में SIR का बड़ा असर: 8 लाख नए वोटर जुड़ेंगे, 1 लाख नाम हटेंगे, 21 फरवरी को आएगी फाइनल लिस्ट

भोपाल
मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के शुद्धीकरण के लिए चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के अंतर्गत प्राप्त 95 प्रतिशत दावे-आपत्तियों का निराकरण कर लिया गया है। एक करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम, उपनाम और आयु में कुछ त्रुटियां थीं, जिन्हें सुधरवाया गया है। वहीं, जिन साढ़े चार लाख मतदाताओं ने अधूरे गणना पत्रक जमा किए थे, उनकी भी सुनवाई कर ली गई है।

मतदाता सूची में करीब आठ लाख नए नाम जुड़ेंगे और एक लाख हटेंगे। यह प्रक्रिया शनिवार को पूरी करने के बाद अब 21 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि प्रारूप मतदाता सूची के आधार पर हुए दावे-आपत्ति का निराकरण जिलों में कराया गया है। जो भी आवेदन प्राप्त हुए उनका परीक्षण रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने कराया है।
 
एसआईआर में जिनके गणना पत्रक अधूरे थे, उन्हें नोटिस देकर शिविर में बुलाया गया और यदि दस्तावेज पूरे थे तो उनके पक्ष में आदेश पारित किए गए। इसी तरह साफ्टवेयर ने जिन त्रुटियों को पकड़ा था, उन्हें भी दूर कराया गया है। उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग ने केवल शाब्दिक या आयु गणना की त्रुटि के कारण जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे, उनके नाम सूची से नहीं हटाने के लिए कहा था।

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वहीं, कांग्रेस, भाजपा सहित अन्य दलों के प्रतिनिधियों द्वारा जो शिकायतें की गई थीं, उनका भी निराकरण करवाया गया है। यदि नाम नही जुड़ा तो आगे भी विकल्प – यदि किसी पात्र मतदाता का नाम किसी भी कारण से इस सूची में शामिल नहीं हो पाता है तो ऐसा नहीं है कि उसका नाम आगे शामिल नहीं होगा। यह एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है। वह फार्म छह भरकर अपना नाम जुड़वा सकेगा। इसी तरह नाम, पता आदि जानकारी में संशोधन भी फार्म आठ के माध्यम से हो सकेगा।

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सूची प्रकाशन के बाद सत्यापन कराएगी कांग्रेस
उधर, कांग्रेस ने तय किया है कि 21 फरवरी को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद कांग्रेस बूथवार सूची का सत्यापन कराएगी। इसमें पार्टी की ओर से जो आपत्तियां की गई थीं, उनका निराकरण नहीं हुआ तो फिर चुनाव आयोग को शिकायत की जाएगी।

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