कलेक्टर का सख्त कदम: तहसीलदार और नायब तहसीलदार को नोटिस, पटवारी सस्पेंड; राजस्व विभाग में हड़कंप

सिंगरौली
 मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में कलेक्टर गौरव बैनल ने राजस्व विभाग की लापरवाही पर बड़ा और सख्त एक्शन लिया है। औचक निरीक्षण के दौरान उज्जैनी, बड़ोखर और बरगवा तहसीलदार कोर्ट में लंबित प्रकरणों के निराकरण में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर एक तहसीलदार और दो प्रभारी नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जबकि एक पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई से पूरे राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।

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औचक निरीक्षण में खुली लापरवाही की पोल

कलेक्टर गौरव बैनल देवसर तहसील अंतर्गत उज्जैनी, बड़ोखर और बरगवा तहसीलदार न्यायालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान नामांतरण, सीमांकन और बंटवारा जैसे सैकड़ों राजस्व प्रकरण लंबित पाए गए। कई मामलों में महीनों से सुनवाई नहीं होने और फाइलों में पटवारी रिपोर्ट तक संलग्न नहीं होने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। 

राजस्व प्रकरणों के समय पर निराकरण में लापरवाही बरतने पर प्रभारी नायब तहसीलदार बरगवा नागेश्वर पनिका और प्रभारी नायब तहसीलदार बड़ोखर दिनेश कुमार पनिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। दोनों अधिकारियों को तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर आगे और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

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पटवारी सस्पेंड, कड़ा संदेश

राजस्व प्रकरणों में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर हल्का देवरा के पटवारी अजमेर सिंह को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि प्रारंभिक सुनवाई नियमित होनी चाहिए और जिन मामलों में पटवारी रिपोर्ट लंबित है, वहां तुरंत बैठक कर समय-सीमा में रिपोर्ट पेश कराई जाए। लापरवाही जारी रहने पर आगे और निलंबन व विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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सिस्टम में सुधार का अल्टीमेटम

कलेक्टर ने अधिकारियों को चेताया कि जनता से जुड़े राजस्व मामलों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर प्रकरण की समय-सीमा तय कर नियमित मॉनिटरिंग होगी। आने वाले दिनों में अन्य तहसीलों में भी औचक निरीक्षण किए जाने की संभावना है।

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