टी20 विश्व कप सुपर-8: भारत से भिड़ंत से पहले जिम्बाब्वे के कोच जस्टिन सैमन्स का बड़ा बयान

नई दिल्ली
जिम्बाब्वे के मुख्य कोच जस्टिन सैमन्स जानते हैं कि भारत उनके खिलाफ गुरुवार को टी20 विश्व कप के सुपर आठ मुकाबले में आक्रामक रुख अपनाएगा। हालांकि उनका मानना ​​है कि वेस्टइंडीज से मिली करारी हार से मिले सबक के बाद उनकी कमजोर मानी जाने वाली टीम इस महत्वपूर्ण मैच के लिए पूरी तरह से तैयार रहेगी।

जिम्बाब्वे के मुख्य कोच जस्टिन सैमन्स जानते हैं कि भारत उनके खिलाफ गुरुवार को टी20 विश्व कप के सुपर आठ मुकाबले में आक्रामक रुख अपनाएगा। हालांकि उनका मानना ​​है कि वेस्टइंडीज से मिली करारी हार से मिले सबक के बाद उनकी कमजोर मानी जाने वाली टीम इस महत्वपूर्ण मैच के लिए पूरी तरह से तैयार रहेगी।

वेस्टइंडीज ने सोमवार को मुंबई में खेले गए सुपर आठ के मैच में जिम्बाब्वे को 107 रन से करारी शिकस्त दी। भारत को भी अपने पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका से 76 रन से हार का सामना करना पड़ा था और सैमन्स को लगता है कि भारतीय टीम उनके खिलाफ शुरू से ही हावी होकर खेलने की कोशिश करेगी।

ये भी पढ़ें :  अभिषेक शर्मा नहीं तो कौन? रवि शास्त्री ने बताया टी20 वर्ल्ड कप का ‘गेमचेंजर’ खिलाड़ी

वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच के बाद सैमन्स ने कहा, ‘हम जानते हैं कि भारत किस तरह से खेलेगा और उनका तरीका भी वैसा ही होगा जैसा कि वेस्टइंडीज ने अपनाया। वे (भारत) कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘इससे हमें अच्छी सीख मिलेगी। हम दबाव से कैसे निपटते हैं, हम कैसे शांत रहते हैं और कैसे तुरंत सोच-समझकर काम करते हैं। हम कैसे बदलाव करने की कोशिश करते हैं और कैसे बल्लेबाजों की लय को बिगाड़ते हैं।’

सैमन्स ने वेस्टइंडीज के खिलाफ की गई गलतियों को स्वीकार करते हुए कहा कि उनकी टीम विशेष रूप से गेंदबाजी इकाई को लेकर विपक्षी टीम ने जो पूर्व अनुमान लगाए वह सही साबित हुए और भारत के खिलाफ इस तरह की गलती से बचना होगा।

उन्होंने कहा, ‘हम इस मामले में थोड़ा और समझदारी से काम ले सकते हैं। चेन्नई का मैदान थोड़ा बड़ा होगा और शायद इस लिहाज से वहां हमें थोड़ी ज्यादा आसानी होगी।’ इससे पहले सोमवार को शिमरोन हेटमायर और रोवमैन पावेल के अर्धशतक के बाद गुडाकेश मोती और अकील हुसैन के फिरकी के जादू से वेस्टइंडीज ने आईसीसी टी20 विश्व कप के सुपर आठ मैच में जिम्बाब्वे को 107 रन से रौंद दिया।

ये भी पढ़ें :  चैंपियंस ट्रॉफी के बीच रॉन ड्रेपर का 98 साल की उम्र निधन, सदमे में फैंस

वेस्टइंडीज के 255 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे की टीम बाएं हाथ के स्पिनर मोती (28 रन पर चार विकेट) के करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी के सामने 17.4 ओवर में 147 रन पर सिमट गई। बाएं हाथ के स्पिनर हुसैन ने 28 रन देकर तीन जबकि मैथ्यू फोर्ड ने 27 रन देकर दो विकेट चटकाए। जिम्बाब्वे की ओर से ब्रेड इवांस ने 21 गेंद में पांच छक्कों और दो चौकों से सर्वाधिक 43 रन बनाए। उनके अलावा डियोन मायर्स (28) और कप्तान सिकंदर रजा (27) ही 20 रन के आंकड़े को पार कर पाए।

ये भी पढ़ें :  टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम तैयार नहीं — गौतम गंभीर के बयान से मचा हलचल

हेटमायर ने इससे पहले दो जीवनदान का फायदा उठाते हुए अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी के दौरान 34 गेंद में सात छक्कों और इतने ही चौकों से 85 रन की पारी खेलने के अलावा रोवमैन पावेल (59 रन, 35 गेंद, चार चौके, चार छक्के) के साथ तीसरे विकेट के लिए 52 गेंद में 122 रन की साझेदारी करके वेस्टइंडीज को छह विकेट पर 254 रन तक पहुंचाया जो टूर्नामेंट के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। शेरफेन रदरफोर्ड ने भी 13 गेंद में दो छक्कों और तीन चौकों से नाबाद 31 रन की तेजतर्रार पारी खेली। इस मैच में दोनों टीमों की तरफ से कुल 31 छक्के जड़े गए जो टी20 विश्व कप के इतिहास में किसी एक मैच में लगे सबसे ज्यादा सिक्स हैं।

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment